अस्तित्व साइकोलॉजिकल काउंसलिंग सेंटरश् द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता फैलाने हेतु एक अनूठी पहल

व्यक्तिगत, सामाजिक और संरचनात्मक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य में सुधार की आवश्यकता: बादल चटर्जी

PRAYAGRAJ NEWS: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शुक्रवार को श्अस्तित्व साइकोलॉजिकल काउंसलिंग सेंटरश् की ओर से सिविल लाइंस स्थित राही इलावर्त टूरिस्ट बंगला हाल में एक सेमिनार आयोजित हुआ। जिसमें मानसिक स्वास्थ्य पर सार्थक संवाद, समस्या और समाधान पर चर्चा हुई। सरकारी व गैर-सरकारी स्तर पर सुधारों को लागू करने की बात पर जोर दिया गया। श्अस्तित्व साइकोलॉजिकल काउंसलिंग सेंटरश् की संस्थापिका व निदेशक डॉ. मालविका राव ने कहा सेमिनार का उद्देश्य समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर संवाद स्थापित करना, भ्रम तोड़ना और अपने विचारों पर नियंत्रण रखना चाहिए। सेमिनार की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर संतोष भदौरिया ने मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लिए संगीत, लेखन और कला जैसी रुचियों को बढ़ावा देना और मानसिक स्वास्थ्य को विद्यालयों के पाठ्यक्रम में एक विषय के रूप में शामिल किया जाना चाहिए ताकि बच्चों का समग्र विकास हो सके।
मुख्य अतिथि पूर्व आइएएस बादल चटर्जी ने कहा सकारात्मक सोच ही इंसान को आगे बढ़ाती है। गवर्नेंस में भी सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है, जिससे तनाव कम होता है और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के व्यक्तिगत, सामाजिक और संरचनात्मक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य में बेहतर काउंसलिंग के जरिए सुधार करने की बात कही। विशिष्ट अतिथियों में एमिनेंट आर्टिस्ट तलत महमूद ने कला, अदब-साहित्य और क्रिएटिव एक्टिविटीज को मानसिक स्वास्थ्य का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि संवाद मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। हमें सभी अच्छे कार्यों को करना चाहिए जिससे हमें संतुष्टि प्राप्त हो। कहानीकार असरार गांधी कहते हैं कि अधिकांश लोग दिमागी तनाव से परेशान हैं। कोई भी संतुष्ट नहीं है। यही तो वजह है कि लोग परेशान हैं।
विशिष्ट वक्ता बनारस हिंदू महाविद्यालय के डॉ. मनोज तिवारी ने तनाव से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने आत्महत्या के कारणों, लक्षणों और रोकथाम पर चर्चा की तथा प्रतिभागियों को एक रिलैक्सेशन तकनीक भी सिखाई। इनके अलावा विशिष्ट अतिथियों में डॉ. अभिलाषा चतुर्वेदी, डॉ. शांति चैधरी ने भी संबोधित किया। अस्तित्व टीम की सौसन रिजवी ने अस्तित्व संस्थान का परिचय एवं जानकारी दी। सनोबर इदरीश ने मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं और समाधान पर प्रस्तुति दी। इसके पूर्व मुख्य अतिथि बादल चटर्जी, धर्मपत्नी शर्मिला चटर्जी, प्रोफेसर संतोष भदौरिया, डॉ. अभिलाषा चतुर्वेदी, डॉ. शांति चैधरी, एवं डॉ. मालविका राव ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
प्रवीण शेखर, डॉ. शशि प्रभा, सीमा आजाद, कविता राय, और पुंडरिक मिश्रा सहित कई सम्मानित अतिथि उपस्थित रहे। अस्तित्व संस्थान की टीम ने डॉ. मालविका राव के निर्देशन में सनोबर इदरीश, सौसन रिजवी, राजीव जायसवाल, आभा यादव, अर्शिता नवीन, अर्पिता नवीन, अर्चिता नवीन, इजमा जमील, कृतिका मिश्रा, शाहिर, श्रेहा, अभिनंदन, अनुश्का, आयुष्का, आयेशा, नूर अली, अदिति, मंजली, आयुषी  और पवनी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का सफल एंकरिंग डॉ. सुभद्रा कुमारी ने की। अंत में ड्राइंग, पोस्टर, स्केचिंग एवं राइटिंग कंपटीशन में छात्र-छात्राओं को प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार तथा सर्टिफिकेट देखकर उत्साहवर्धन किया गया।

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