Physical Address
Pratahkal Express Newspaper
79A-Moti Lal Nehru Road Prayagraj
Opp Women’s Hostel Allahabad University

JHANSI NEWS: विश्व यूरोलॉजी दिवस 13 अक्टूबर पर विशेष यूरोलाजिकल सोसायटी आफ इंडिया ने मूत्र एवं गुर्दा रोग के मरीजों के लिए कुछ आवश्यक दिशा निर्देश जारी किये हैं। यह जानकारी नार्थ जोन यूरोलाजिकल सोसायटी आफ इंडिया के अध्यक्ष वरिष्ठ यूरो सर्जन डा० के० सांवल एवं मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ यूरो सर्जन प्रोफेसर डा० मनीष जैन ने एक संयुक्त वक्तव्य में बताया कि सोसायटी के केन्द्रीय नेतृत्व के अनुसार आवश्यक जानकारी, कि कब मूत्र एवं गुर्दा रोग के मरीज, यूरोलाजिस्ट से सम्पर्क करें
सर्वप्रथम यूरोलाजिस्ट अथवा यूरो सर्जन सुपर स्पेशलिस्ट नेशनल मेडिकल कमीशन से मान्यता प्राप्त होना चाहिए।इसके लिए एम सी एच यूरोलाजी, अथवा डी० एन० बी यूरोलाजी, अथवा एफ० आर० सी० एस० यूरोलाजी की डिग्री आवश्यक है।
यूरोलाजिस्ट किन – किन शरीर के अंगों का उपचार अथवा शल्य क्रिया करते हैं-
महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों में गुर्दा, मूत्र वाहिनी, मूत्राशय, मूत्रमार्ग, अधिवृक्क ग्रंथि एवं पुरुषों में प्रजनन प्रणाली, वृषण, अंडकोष या शुक्रग्रंथि, लिंग, नपुंसकता, असंयम, गुर्दा प्रत्यारोपण आदि मुख्य लक्षणों के प्रशिक्षित विशेषज्ञ से सलाह लेना चाहिए। कैसर, पिंड, पथरी, संक्रमण, रुकावट, तीव्र चोट, जन्मजात एवं उपरोक्त लक्षणों अथवा सभी प्रकार के मूत्र रोगों के लिए गुर्दा एवं मूत्र रोग विशेषज्ञों से ही सलाह लेनी चाहिए। डा० द्वय ने आगाह किया कि अशिक्षित अथवा निरक्षर चिकित्सकों से इलाज कराकर अपनी जान जोखिम में न डालें। सही डाक्टर का चुनाव आपके लिए और आपके सगे संबंधियों के हितार्थ उचित है।