शहर तो स्मार्ट नहीं बन सका पर, स्मार्ट सिटी के फंड को स्मार्ट लोग ही गटक गए

JHANSI NEWS: स्मार्ट वहीं होता है जो सब कुछ पचा जाए, और बिना डकार के अरबों को पानी की तरह गटक जाए।  जब नगर को सजाने संवारने और सुंदर बनाने की सोच धरातल पर उतरेगी और फंड जारी होते ही सत्ता धारी दल के नेता और अधिकारी उस पर गिद्ध की तरह टूट पड़ेंगे। पिछले कुछ सालों से स्मार्ट सिटी  का तमगा लगाए झाँसी पूरे प्रदेश को बता रहा है है कि मैं सबसे स्मार्ट हो गया हूं। यह आइना निगम के तत्कालीन सत्ताधारी दल के नेता और तत्कालीन अधिकारी नगर  की जनता में यह भ्रम फैला कर राजनीति करने की सबसे निम्न स्तरीय सोच की साजिश की हिस्सा है। नगर में बने चौक -चौराहे स्मार्ट टायलेट, पिंक टाय़लेट और अन्य विकास कार्य अपनी बेबसी पर आंसू बहा रहे न कोई जनआंदोलन हो रहा न ही अधिकारी और नेता इस विषय पर कुछ बोलना पंसद कर रहे है स्मार्ट सिटी के पैसों को जमकर दुरूपयोग औऱ दोहन किया गया । अगर प्रदेश के मुखिया इस मामले को संज्ञान में लिया तो कई अधिकारी और नेता जेल की शोभा भी  बढ़ा सकते है।

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