मुख्य सचिव की अध्यक्षता में लखपति महिला कार्यक्रम की द्वितीय राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न

लखपति दीदी कार्यक्रम महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
LUCKNOW NEWS: शुक्रवार को मुख्य सचिव एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में लखपति महिला कार्यक्रम की द्वितीय राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आज आयोजित की गई। बैठक में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को गति देने तथा स्वयं सहायता समूहों(एसएचजी) के माध्यम से स्थायी आय सृजन पर विस्तृत चर्चा हुई।अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि लखपति दीदी कार्यक्रम महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सभी संबंधित विभागों द्वारा अपनी योजनाओं में समूह की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाए, ताकि वे स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रतिवर्ष एक लाख रुपये से अधिक की स्थायी आय अर्जित कर सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे समूहों की पहचान की जाए, जो अपनी आजीविका में सतत वृद्धि कर रही हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए और उनके उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग की दिशा में कदम उठाए जाएं। मिशन द्वारा सभी विभागों से समन्वय कर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा सौर ऊर्जा संचालित फूड प्रोसेसिंग यूनिट जैसे सोलर आटा चक्की, मसाला पीसने की मशीन, ड्रायर, डीप फ्रीजर आदि का वितरण किया जाए। प्रदेश के सभी हवाई अड्डों पर स्वयं सहायता समूहों के बिक्री केन्द्र स्थापित किए जाएं। टीबी मरीजों को एसएचजी द्वारा तैयार पोषण पोटली का वितरण सुनिश्चित किया जाए। अस्पताल, प्रमुख पर्यटन स्थल, पुलिस लाइन, आईटीआई, राजकीय पॉलीटेक्निक, चीनी मिलें, बस अड्डे आदि स्थानों पर प्रेरणा कैंटीन संचालित करने हेतु उपयुक्त स्थान आवंटित किए जाएं। राशन की दुकानों पर भी एसएचजी उत्पादों के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने पंचायती राज विभाग को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट की स्थापना, संचालन, मरम्मत एवं रखरखाव में सूर्य सखियों को वरीयता दी जाए। यूपीनेडा द्वारा पीएम कुसुम योजना के तहत महिला किसानों को अनुदान पर सिंचाई सोलर पंप वितरित किए जाएं। स्कूल ड्रेस की सिलाई तथा मिड-डे-मील हेतु मसाले एवं खाद्य तेल का क्रय भी समूहों द्वारा किया जाए। बैठक में मिशन निदेशक यूपीएसआरएलएम सुश्री दीपा रंजन ने बताया कि प्रदेश में 35.94 लाख महिलाओं का चिन्हांकन किया गया, जिनमें से 29.68 लाख महिलाओं का डिजिटल आजीविका रजिस्टर में आय विवरण दर्ज है। वर्तमान में 18.55 लाख लखपति दीदियाँ बन चुकी हैं। नमो ड्रोन दीदी परियोजना के तहत वर्ष 2024-25 में 114 समूह सदस्य ड्रोन दीदी बनीं। वर्ष 2025-26 के लिए 2283 ड्रोन दीदियों के लक्ष्य के सापेक्ष 493 का चयन हो चुका है। 20 लाख एसएचजी सदस्य पशुपालन कार्य कर रही हैं। पशुपालन विभाग के सहयोग से 41 मास्टर ट्रेनर विकसित किए गए। 7044 एसएचजी सदस्यों को खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों हेतु 18.68 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। वाराणसी एवं अयोध्या हवाई अड्डों पर एसएचजी उत्पादों के बिक्री केन्द्र संचालित हैं। प्रदेश में संचालित 2000 में से 845 प्रेरणा कैंटीन सीएचसी/पीएचसी केन्द्रों पर चल रही हैं।बैठक में अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण एल.वेंकटेश्वर लू, प्रमुख सचिव सहकारिता  सौरभ बाबू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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