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फतेहपुर। खुशियों भरे शादी के माहौल में रविवार को मातम छा गया, जब बारात का सामान लेकर लौट रहा एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पंद्रह फीट गहरी खाई में पलट गया। हादसे में दूल्हे का चचेरा भाई और दुल्हन का फुफेरा भाई की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा थाना सुल्तानपुर घोष क्षेत्र के मोहम्मदपुर गौंती गांव के पुल के पास हुआ।
बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर का अगला पहिया निकल जाने से वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी गहरी पटरी की खाई में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर इंजन सहित उलट गया और दो युवक उसकी चपेट में आ गए।
जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के अफोई गांव निवासी स्व. डॉक्टर मोबीन अहमद के पुत्र हिबजान की शादी तकिया पर मोहल्ले के महमूद की बेटी से होनी थी। रविवार सुबह शादी की तैयारियों के लिए परिवार का भतीजा उजैर पुत्र मुस्तकीम अपने ट्रैक्टर में फराज पुत्र सरफराज और दो अन्य युवकों को लेकर गौती गांव गया था, जहां से बारात से संबंधित सामान लाया जा रहा था। वापसी के दौरान जैसे ही ट्रैक्टर गौंती पुल के पास पहुंचा, अचानक उसका अगला पहिया निकल गया और वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 15 फीट गहरी खाई में पलट गया। चार में से दो युवक किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, जबकि चालक उजैर (दूल्हे का चचेरा भाई) और फराज (दुल्हन का फुफेरा भाई) ट्रैक्टर के नीचे दब गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही गांव और शादी वाले घर में कोहराम मच गया। जहां कुछ घंटे पहले तक शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस जगह हादसा हुआ, वहां सड़क किनारे बनी पटरी के पास कोई सुरक्षा रेलिंग नहीं है, जिससे इस तरह की दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर सुरक्षा की दृष्टि से रेलिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। हालांकि इस पुल पर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से स्मृति द्वार बन प्रस्तावित है जिसका बीते दिनों क्षेत्रीय विधायक ऊषा मौर्य ने भूमिपूजन कर शिलान्यास किया था।
घटना पर लोगों की शोक संवेदना
“जिस घर में सुबह शहनाई बजने वाली थी, वहां अब चीखें और सिसकियां गूंज रही हैं। पूरे गांव ने ऐसा दर्द पहले कभी नहीं देखा।”
— मोहम्मद मोनिस (हाईकोर्ट अधिवक्ता), मृतक फ़राज के बड़े पापा के बेटे
“कुछ ही घंटे बाद बारात निकलनी थी, सब तैयारियाँ पूरी हो चुकी थीं। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था। हमारे घर की खुशियाँ पल भर में उजड़ गईं।”
— अब्दुल राफ़े, सपा नेता (मोहम्मदपुर गौंती निवासी)