शोषण के विरूद्ध बच्चों के अधिकार विषय पर साक्षरता एवं जागरुकता शिविर का किया गया आयोजन

KAUSHAMBI NEWS: जनपद न्यायाधीश जे०पी० यादव के निर्देशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में डी०पी० मेमोरियल पब्लिक स्कूल, करन चैराहा, सरांय अकिल तहसील चायल में शोषण के विरूद्ध अधिकार पॉश एक्ट व बच्चों के अधिकार विषय पर साक्षरता एवं जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में  अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पूर्णिमा प्रांजल ने बच्चों को संबोधित करते हुए भारतीय संविधान सहित अन्य विधियों व कानूनों, बाल अधिकारों और शोषण के विरूद्ध प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाल अधिकारों के हनन व बच्चों के शोषण से उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से गहरी चोट पहुंचती है, जिससे न केवल उनका स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास प्रभावित होता है, अपितु सीखने की क्षमता भी प्रभावित होती है। तहसीलदार चायल पुष्पेन्द्र गौतम ने शोषण के खिलाफ अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार अधिवेशन किशोर न्याय अधिनियम और राष्ट्रीय बाल नीति आदि के अनुसार 18 वर्ष से कम उम्र के प्रत्येक बच्चों को बालक माना गया है। बच्चों को मारना, चिढ़ाना, मजाक करना एवं मजदूरी करवाना उनके साथ क्षल करना आदि जैसे कृत्य अपराध की श्रेणी में आते हैं। मिशन शक्ति केन्द्र से उप निरीक्षक यशवंती ने बच्चों को इन्टरनेट व सोशल मीडिया से दूर रहने और सूरक्षा के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में स्कूल के प्रबन्धक डॉ० भीष्म सिंह, प्रधानाचार्य नरेन्द्र कुमार पाण्डेय, मैनेजिंग डाइरेक्टर अजीत सिंह, मंच संचालक नीलम सिह, विद्वान अधिवक्ता अतुल योगी एव पी०एल०वी० अमरदीप उपस्थित रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *