बेरोजगार लोगों से पैसा लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र देने वाले वांछित अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार

BALRAMPUR NEWS: कमाल खान(ब्यूरो प्रमुख) 7 नवम्बर 2025 को वादी आकाश कुमार गुप्ता पुत्र राजेश कुमार गुप्ता निवासी ई०सी०सी मिशन स्कूल रोड थाना पचपेड़वा जनपद बलरामपुर द्वारा थाना कोतवाली देहात पर एक लिखित तहरीरी सूचना दिया कि विपक्षी अमित कुमार (बड़े बाबू) द्वारा मुझसे एक लाख रूपए लेकर महिला कल्याण विभाग के चाइल्ड लाइन के अंतर्गत केस वर्कर पद हेतु फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर 02 माह कार्य कराने के पश्चात जब वादी ने वेतन की मांग की तो अमित कुमार तथा उसके 02 अन्य सहयोगी संतोष कुमार तथा राजू श्रीवास्तव द्वारा मुझे वेतन देने से मना करते हुए जान–माल की धमकी दी गई। उक्त सूचना के आधार पर थाना कोतवाली देहात पर मु0.अ0.सं0. 409/2025 धारा 406/420/467/ 468/471/506 भादवि का अभियोग पंजीकृत किया गया था। दिनांक 22.11.2025 को उ0नि0 अमित चौहान व उ0नि0 अनूप कुमार सिंह मय हमराह पुलिस बल के साथ क्षेत्र भ्रमण कर रहे थे कि मुखबिर ने सूचना दिया कि मु0अ0सं0- 409/2025 धारा 409/420/467/468/471 भादवि में वांछित अभियुक्त अमित कुमार बड़े बाबू (मा0 न्यायालय किशोर न्याय बोर्ड) नीलकोठी के पास रोड पर मौजूद है । सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुँचकर घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पूछने पर अभियुक्त ने अपना नाम अमित कुमार उर्फ बड़े बाबू (मा0 न्यायालय किशोर न्याय बोर्ड) बताया व मूल पता ग्राम मनियर जनपद बलिया, हाल पता किशोर न्याय बोर्ड बलरामपुर थाना को0  देहात बताया। ध्यातव्य है कि उपरोक्त अभियोग से संबंधित नामजद अभियुक्त संतोष कुमार पुत्र रामप्रसाद निवासी महादेव घुरहू थाना इटवा जनपद सिद्धार्थनगर को दिनांक 08.11.2025 को ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पूछ-ताछ का विवरण
पूछताछ के दौरान अभियुक्त अमित कुमार (बड़े बाबू) ने बताया कि मेरी नियुक्ति विकास भवन बलरामपुर में कनिष्ठ सहायक पद पर है। वर्तमान में मा0 न्यायालय किशोर न्याय बोर्ड में संबद्ध हूं, जहाँ मेरी मुलाकात राजीव श्रीवास्तव पुत्र विरेन्द्र कुमार निवासी ग्राम छितौनी गनवरिया थाना कोतवाली देहात जनपद बलरामपुर से हुई, जिन्होंने  हमें संतोष कुमार पुत्र राम प्रासद निवासी ग्राम महादेव थाना इटवा जनपद सिद्धार्थनगर से मिलवाया। हम लोगों ने मिलकर महिला कल्याण विभाग के चाइल्ड लाइन के अंतर्गत केस वर्कर पद हेतु बेरोजगार लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर उनसे धन लेते थे जिसमें हम तीनों बराबर हिस्सा बाँटते थे। आकाश कुमार गुप्ता को भी संतोष और राजीव ही लेकर आए थे, जिनसे नियुक्ति पत्र देने के लिए  एक लाख रूपए लिए थे तथा हम तीनों ने मिलकर कूटरचित नियुक्ति पत्र उन्हें दिया था।

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