ग्राम पंचायत अधिकारियों ने खंड विकास अधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा

ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को अव्यवहारिक बताया
ETAWA NEWS: उ०प्र० ग्राम पंचायत अधिकारी संघ एवं ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन ने शुक्रवार को विकासखंड अजीतमल में तैनात ग्राम विकास अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन खंड विकास अधिकारी अतुल कुमार यादव तथा जिलाधिकारी औरैया के माध्यम से प्रेषित किया। ज्ञापन में ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत ग्राम सचिवों द्वारा बढ़ते कार्यभार, बहुद्देशीय दायित्वों और नई लागू की जा रही ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली को अव्यवहारिक बताते हुए तत्काल पुनर्विचार की मांग की गई है। संगठन ने कहा कि ग्राम सचिव ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं को धरातल पर लागू करने की रीढ़ हैं, लेकिन वर्षों से निरीक्षण, योजनाओं के सत्यापन और कार्यालयीय दायित्वों के साथ-साथ अन्य विभागों के अतिरिक्त कार्यों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में आदेश संख्या 33-1-2025 के तहत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश फील्ड आधारित कार्यप्रणाली के बिल्कुल विपरीत है। ज्ञापन में कहा गया कि एक सचिव सामान्यतः 4 से 9 ग्राम पंचायतों का प्रभार संभालता है। भौगोलिक दूरी, आकस्मिक निरीक्षण, दैवीय आपदा, राष्ट्रीय पर्वों, रात्रिकालीन बैठकों और ऑनलाइन मीटिंगों की बाध्यता जैसे कारणों से उनकी दैनिक कार्यशैली निरंतर गतिशील होती है। ऐसे में निश्चित समय और निश्चित स्थान पर उपस्थिति दर्ज करना व्यवहारिक नहीं है।सचिवों ने यह भी उल्लेख किया कि लेखपाल, अध्यापक, कृषि तकनीकी सहायक, पशुधन प्रसार अधिकारी और गन्ना पर्यवेक्षक भी ग्राम स्तर पर कार्यरत हैं, परंतु उनके लिए ऐसी कोई व्यवस्था लागू नहीं है। ग्राम सचिवों ने इसे समानता के सिद्धांत के विरुद्ध बताया। ज्ञापन में मोबाइल एप आधारित उपस्थिति को निजता के अधिकार का उल्लंघन बताते हुए कहा गया कि सचिव अपने व्यक्तिगत मोबाइल, सिम और बैंक खाते से जुड़े नंबर का उपयोग करते हैं। ऐसे में किसी थर्ड-पार्टी एप को एक्सेस देना डेटा चोरी और साइबर अपराध का खतरा बढ़ा सकता है। सचिवों ने बताया कि वे वर्तमान में मनरेगा, आवास योजनाएँ, आजीविका मिशन, पेयजल योजनाएँ, स्वच्छ भारत मिशन, जन्म–मृत्यु पंजीकरण, परिवार रजिस्टर, पेंशन सत्यापन, आईजीआरएस निस्तारण सहित 29 से अधिक विभागीय कार्यों का भार वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद कृषि, राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, वन, ऊर्जा और अन्य विभागों के लक्ष्य एवं दायित्व भी सौंपे जा रहे हैं, जिसके चलते सचिव संवर्ग तनावग्रस्त तथा अव्यवस्थित परिस्थितियों में कार्य करने को मजबूर है। इसके साथ ही वाहन भत्ता, मोबाइल भत्ता एवं सीयूजी सिम उपलब्ध कराने, सचिवों की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक किए जाने और वेतन मैट्रिक्स 05 में समायोजन किए जाने की मांग उठाई गई। साथ ही सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी) एवं (पंचायत) को 4200 ग्रेड पे देने की अनुशंसा की गई। ज्ञापन देने वालों में मंजू यादव, निधि शाक्य, रंजना पाल, तृष्णा, अनिल पाठक, रविन्द्र सिंह, अरुण कुमार तिवारी, गवेन्द्र सिंह पाल, नवनीत कुमार, रचित कुमार, अतुल प्रताप सिंह, प्रफुल्ल कुमार वर्मा सहित अन्य सचिवों के हस्ताक्षर अंकित हैं।

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