Physical Address
Pratahkal Express Newspaper
79A-Moti Lal Nehru Road Prayagraj
Opp Women’s Hostel Allahabad University
LAKHIMPUR KHERI NEWS: भारतीय कृषि एवं वानिकी क्षेत्र में बांस की खेती को लेकर बढ़ते रुझान को ध्यान में रखते हुए भा.वा.अ.शि.प.–पारिस्थितिक पुनर्स्थापन केन्द्र, प्रयागराज द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा पोषित परियोजना के अंतर्गत बांस संवर्धन एवं प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बांकेगंज में यदुनंदन सिंह पुजारी जी के पुजारी फ़ार्म पर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रतिभागी किसानों को बांस की खेती, उत्पादन, प्रबंधन और बाजार की संभावनाओं से संबंधित विस्तृत तकनीकी जानकारी प्रदान की गई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं केन्द्र प्रमुख डॉ. संजय सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए व्यापक योजनाएँ बनाई जा रही हैं, जिससे किसानों को बांस उत्पादन, बिक्री और मूल्य संवर्धन में सीधा लाभ मिल सके।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आलोक यादव ने बांस के रख-रखाव, इसके आर्थिक महत्व और समावेशी खेती की संभावनाओं पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को बांस आधारित कृषि मॉडल, लागत एवं लाभ विश्लेषण तथा आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों पर भी जानकारी दी। कार्यक्रम में 50 से अधिक किसानों ने भाग लिया। किसान–वैज्ञानिक संवाद के माध्यम से प्रतिभागियों ने बांस की व्यावसायिक खेती के तकनीकी पहलुओं, चुनौतियों और उनके प्रभावी समाधान के बारे में जानकारी प्राप्त की। किसानों को बांस की खेती के समग्र दृष्टिकोण—जैसे पौध तैयार करना, पौध संरक्षण, जल प्रबंधन, लंबी अवधि के आर्थिक लाभ और बाजार उपलब्धता—के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रमुख किसान नेता—
किसान यूनियन के अध्यक्ष अमनदीप सिंह संधू, वेरिंदपाल सिंह, धीरेंद्र मौर्य, सोहन सिंह, सुबोध कुमार, यसपाल सिंह शर्मा, ठाकुर नौबत सिंह आदि—ने भी सहभागिता की। इन सभी ने बांस को आय के नए स्रोत के रूप में अपनाने पर सकारात्मक चर्चा की। कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में बांस की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देना, किसानों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराना तथा ग्रामीण स्तर पर हरित रोजगार को प्रोत्साहित करना रहा।