वर्ल्ड मेडिटेशन डे 2025: कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय बुढाना में मनाया गया द्वितीय विश्व ध्यान दिवस

कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय बुढाना में मनाया गया द्वितीय विश्व ध्यान दिवस

MUZAFFARNAGAR NEWS: (ब्यूरो चीफ सतीश कौशिक) जिलाधिकारी उमेश मिश्रा महोदय एवं मुख्य विकास अधिकारी महोदय कण्डारकर कमलकिशोर देशभूषण के निर्देशन एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में वर्ल्ड मेडिटेशन डे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ राजीव कुमार द्वारा किया गया। डॉ राजीव कुमार द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित बालिकाओं को वर्ल्ड मेडिटेशन डे तथा मेडिटेशन के विषय में जानकारी दी गई। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) द्वारा 21 दिसंबर को  विश्व ध्यान दिवस के रूप में घोषित किया गया। 21 दिसंबर 2024 को प्रथम विश्व ध्यान दिवस मनाया गया। जैसे योग दिवस 21 जून को मनाया जाता है, जो कि सबसे साल का सबसे लंबा दिन माना जाता है। इसे ग्रीष्म संक्रांति भी कहते हैं। उसी तरह ध्यान दिवस 21 दिसंबर को मनाने का विशेष कारण है। 21 दिसंबर साल की सबसे लंबी रात होती है और अंधेरे से प्रकाश की ओर बदलाव का प्रतीक है। इस दिन को शीत संक्रांति भी कहते हैं। विश्व ध्यान दिवस  मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने पर जोर देता है, तनाव, चिंता और बैचेनी का सामना करने के लिए प्रेरित करता है। ध्यान एकाग्रता बढ़ाने में सहायक है।  मेडिटेशन का वैज्ञानिक महत्व है। ध्यान केवल प्राचीन अभ्यास नहीं रहा बल्कि विश्वविद्यालयों और वैज्ञानिकों ने इसके महत्व की पुष्टि की है। ध्यान से तनाव कम किया जा सकता है। ध्यान कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) को नियंत्रित करता है। ध्यान  करने से एकाग्रता बढ़ती है,इससे भावनात्मक संतुलन बना रहता है। ध्यान भावनाओं को भी स्थिर बनाता है। नींद गुणवत्ता में सुधार होता है। ध्यान से मन एकाग्र होता है और  शांत मन का सीधा प्रभाव स्वास्थ्य पर होता है। उक्त आयोजन में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय बुढाना से पूनम शर्मा व सविता स्वामी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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