वार्षिक समारोह में बच्चों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक,पतंजलि ऋषिकुल में धूमधाम से वार्षिक समारोह संपन्न

PRAYAGRAJ NEWS: पतंजलि ऋषिकुल विद्यालय में पहली और दूसरी कक्षा  का वार्षिक कार्यक्रम  ज्वाय आफ टूगेदरनेश  हर्षोल्लासए ऊर्जा और उत्साह से परिपूर्ण वातावरण में पूरी भव्यता के साथ मनाया गया । दो सत्रों में आयोजित इस कार्यक्रम के प्रथम सत्र में कक्षा .2 के  छात्रों ने गीत ए संगीत और नृत्य से सजे कार्यक्रमों की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी।  इसी प्रकार मनमोहक प्रस्तुतियों से सजा दूसरा सत्र कक्षा .१ के प्रतिभागियों के लिए रहा। ज्वाय आफ टूगेदरनेश की थीम पर आधारित यह उत्सव ए हर पल खुशीए उत्साह एवं सकारात्मक सोच के सुंदर संदेश को जन.जन तक बिखेर रहा था। मौसम में छाई धुंध और ठंड भी हमारे नौनिहालों के जोश और खिलखिलाते चेहरों की चमक को कम नहीं कर पा रही थी। विद्यालय परिवार के साथ प्रांगण का कण . कण भी अतिथियों के स्वागत के लिए उत्साहपूर्वक आँखें बिछाए खड़ा था । हर तरफ फैली फूलों की भीनी . भीनी खुशबूए गीत. संगीत  के मधुर स्वर और रंग. बिरंगी सजावट के साथ सजा विद्यालय ऐसा प्रतीत हो रहा था मानों प्रकृति ने स्वयं अपने हाथों से इसकी साज सज्जा की हो। क्रिसमस ट्री पर झिलमिलाती रंगीन झालरें और उपहार सभी को ईसा मसीह के जन्म और क्रिसमस के अति शीघ्र आने की सूचना दे रहे थे। सभी ओर मेरी किसमस और हैप्पी न्यू ईयर की गूंज थी । सभी लोग  एक .दूसरे को किसमस की बधाई दे रहे थे हर तरफ खुशियों की लहर व्याप्त थी।
प्रथम सत्र के समारोह के मुख्य अतिथि डॉ रंजना कुमार ; शिशु एवं बाल्य रोग विशेषज्ञद्ध ए डॉ शिवांजलि कुमार चतुर्वेदी एवं द्वितीय सत्र में मुख्य अतिथि डॉ अजीत चैरसिया ; प्रो मेडिसन विभाग ए मोतीलाल नेहरु कालेजद्ध थे। कार्यक्रम मे विद्यालय की निदेशक मैम रेखा बैदए सचिव यशोवर्धनए डॉ प्रभात सिंह एवं डॉ कृति सिंहए श्रीमती प्रेरणा कपूर ए पतंजलि ऋषिकुल के प्रधानाचार्य नित्यानंद सिंह ए पतंजलि विद्यालय समूह के अन्य प्रधानाचार्य . श्रीमती अल्पना डेए श्रीमती माधुरी श्रीवास्तवए  अभिभावकगणए शिक्षकवृंद एवं छात्र. छात्राएँ उपस्थित रहे। प्रथम सत्र का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ रंजना कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया । विद्यालय की निदेशक मैम  रेखा बैद ने मुख्य अतिथि को प्रेम एवं सौहार्द के प्रतीक उपहार को भेंट करके उनका स्वागत अभिनंदन किया।विद्यालय के प्रधानाचार्य  नित्यानंद सिंह ने मुख्य अतिथि  का  स्वागत एवं अभिनंदन   करते हुए अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को एक दूसरे के साथ मिलकर सीखनेए कार्य करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देना अत्यन्त महत्वपूर्ण है जिससे वे बच्चे भविष्य में अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज एवं प्रकृति से समन्वय स्थापित कर सकें एवं समरसता के साथ जी सकें। सर्वप्रथम कक्षा . दो के बच्चे  भगवान श्री गणेश जी की सुंदर वंदना करते हुए मंच पर आए और सभी को भक्ति के रस से सराबोर कर दिया।अगली प्रस्तुति समन्वयरू पुरानी जड़ेंध् नई उड़ान नामक नाटक  के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने अपनी सभ्यताए संस्कृति और हमारे जीवन के सबसे महत्वपूर्ण हमारे बड़े. बूढों के प्रति आदर भाव की ऐसी सुंदर भावना जागृत की जिसने दर्शकों की आंखों को नम कर दिया और पूरा माहौल प्रशंसा भरी तालियों से गूंज उठा।

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