माता-पिता व गुरु की मानने वाले ही संसार में सम्मान पाते हैं

VARANASI NEWS: बच्चों को बचपन में ही माता-पिता अच्छे संस्कार देते हैं तो वही बच्चे बड़े होकर उनका भी सम्मान करते हैं और समाज में भी बड़ों का आदर सत्कार करते हैं। उन्हीं बच्चों को अगर आध्यात्मिक सच्चे सतगुरु के चरणों में जोड़कर सत्संग में निरंतर लाते हैं तो गुरु उन्हें तराश कर सच्चा भक्त बना देते हैं । फिर उनका जीवन बदल जाता है जहां संसार की ऊंचाइयां उनके कदम चुमती हैं वही आध्यात्मिक ज्ञान भी उन्हें सुख और शांति प्रदान करती है। उक्त उद्गार केंद्रीय ज्ञान प्रचारक आदरणीय मानिकचंद तिवारी ने मलदहिया स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में आयोजित जोन स्तरीय विशाल निरंकारी बाल समागम को संबोधित करते हुए व्यक्त किया उन्होंने कहा कि आज संसार में ज्ञान की कमी नहीं है । हर बच्चा ऊंचा से ऊंचा शिक्षा प्राप्त कर ले रहा है लेकिन सांसारिक दुखों और कलह- क्लेश से बाहर नहीं निकल पा रहा है जिसका परिणाम है कि अपने शरीर को ही समाप्त कर ले रहा है। संसार की शिक्षाओं और वस्तुओं से जीवन में सुख और शांति नहीं आती जब जीवन में सतगुरु आता है और सच्चे ज्ञान से जोड़ देता है तो फिर हर किसी की सोच बदल जाती है । सभी में परमात्मा का रूप देखकर सभी से प्यार होने लगता है । फिर कोई बुरा ख्याल मन में नहीं आता। आगे तिवारी ने कहा कि हम बच्चों का उम्र ना देखें बल्कि उन्हें आज ही सत्संग से जोड़े जिससे उनके अंदर आध्यात्मिक जागृति आ सके क्योंकि भक्ति किसी उम्र की मोहताज नहीं है हर उम्र में भक्ति की जा सकती है जिसके तमाम उदाहरण संसार में मौजूद हैं। समागम में वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली ,मिर्जापुर, सोनभद्र आदि जिलों के बच्चों ने आध्यात्मिक गीत, विचार, कविताओं और प्रस्तुतियों के द्वारा अध्यात्म के सुंदर-सुंदर भाव प्रकट करते हुए सतगुरु एवं साध- संगत का आशीर्वाद प्राप्त किया । बाल संगत इंचार्ज डॉक्टर श्वेता सिंह ने बच्चों के सुंदर भविष्य की कामना करते हुए बच्चों के अभिवावको का धन्यवाद भी ज्ञापित किया। आई हुई संगत का आभार जोनल इंचार्ज  सिद्धार्थ शंकर ने व्यक्त किया । समागम की सारी व्यवस्थाएं सेवा दल के अधिकारियों की देखरेख में जवानो एवं बहनो ने संपन्न किया।

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