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SIDHARTHNAGAR NEWS: कलेक्ट्रेट सभागार में राज्य सूचना आयुक्त राकेश कुमार की अध्यक्षता एवं अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव की उपस्थिति में जनपद स्तरीय अधिकारियों के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 पर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान राज्य सूचना आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सूचना का अधिकार अधिनियम शासन में पारदर्शिता लाने के लिए लागू किया गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नियमावली 2015 का भली-भांति अध्ययन कर लें, जिससे आवेदकों को सूचना उपलब्ध कराने में सुगमता हो।
आयुक्त ने अधिकारियों को हिदायत दी कि आवेदक को केवल वही सूचना दी जाए जो कार्यालय के अभिलेखों में धारित हो और किसी भी स्थिति में काल्पनिक सूचना न दी जाए। उन्होंने जोर दिया कि जन सूचना अधिकारी स्वयं ही आवेदक को सूचना उपलब्ध कराएं और पत्राचार में अपना पद नाम स्पष्ट रूप से अंकित करें। अधीनस्थ कर्मचारियों द्वारा सीधे सूचना प्रेषित करना अनुचित है। सभी कार्यालयों में आरटीआई रजिस्टर का संधारण अनिवार्य है, जिसमें आवेदन प्राप्ति की तिथि अंकित की जाए और 30 दिन के भीतर रजिस्टर्ड डाक से सूचना उपलब्ध करा दी जाए। निर्धारित समय सीमा का उल्लंघन करने पर आयोग द्वारा अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया जा सकता है। कार्यशाला में बताया गया कि यदि मांगी गई सूचना कार्यालय से संबंधित नहीं है, तो उसे 5 दिनों के भीतर संबंधित विभाग को प्रेषित कर आवेदक को सूचित करें। व्यक्तिगत सूचनाओं के मामले में संबंधित व्यक्ति की अनुमति आवश्यक है और यदि सूचना आरटीआई अधिनियम के तहत छूट प्राप्त श्रेणी में आती है, तो उसका परीक्षण कर आवेदक को विधिवत सूचित किया जाए। आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि ₹10 के पोस्टल ऑर्डर के साथ प्राप्त आवेदनों को ही स्वीकार किया जाए। इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आयुष अग्रवाल, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार, एसडीएम नौगढ़ कल्याण सिंह मौर्य, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग कमल किशोर, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित समस्त खंड विकास अधिकारी और अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य सूचना आयुक्त ने अधिकारियों के विभिन्न सवालों का निस्तारण करते हुए उन्हें समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से कार्य करने का निर्देश दिया।