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DEHLI NEWS: कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने संभल पुलिस फ़ायरिंग मामले में तत्कालीन एसओ अनुज चौधरी के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने वाले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर के ट्रांसफर कर दिए जाने को रूटीन प्रक्रिया के बजाए राजनीतिक उद्देश्य से किया गया तबादला कहा है. उन्होंने पिछले दिनों योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में उत्तर प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था की तारीफ़ करने वाले सीजेआई सूर्यकांत से भी इस मामले पर संज्ञान लेने की अपील की है. शाहनवाज़ आलम ने जारी बयान में कहा कि इस मामले में अब कटघरे में ख़ुद न्यायपालिका आ गई है. अब उसे ही साबित करना है कि उसकी स्वतंत्रता बची है या उसने सरकार के आगे सरेंडर कर दिया है. उन्होंने उम्मीद जतायी की अपनी गरिमा को बचाने की ज़िम्मेदारी न्यायपालिका निभाने में सफल होगी और संभल सीजेएम के आदेश पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चहेते पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी पर एफ़आईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजने में कोई दबाव बाधा नहीं बनेगी.
उन्होंने कहा कि सरकार के मुस्लिम विरोधी नैरेटिव को बढ़ाने वाले पुलिस अधिकारियों पर क़ानून सम्मत आदेश देने पर जजों का तबादला करने के पीछे अन्य जजों को डराने की मंशा है. ताकि बाक़ी जज भी सरकार के ख़िलाफ़ फ़ैसले देने से डरें. शाहनवाज़ आलम ने कहा कि इससे पहले भी देश ने देखा है कि दिल्ली दंगों में भाजपा नेताओं पर एफ़आईआर दर्ज न करने और सही दिशा में जाँच न करने पर पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई का आदेश देने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के जज एस मुरलीधर का भी रातों रात ट्रांसफ़र कर दिया गया था. इसी तरह राजस्थान के एक जज दिनेश कुमार गुप्ता का भी अदानी की एक कंपनी पर 50 लाख का जुर्माना लगाने के तुरंत बाद ही ट्रांसफ़र कर दिया गया.