सीएम योगी से ‘हिंदू होने का प्रमाण’ मांगने पर गरमाई राजनीति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से ‘हिंदू होने का प्रमाण’ मांगे जाने के बयान ने प्रदेश की राजनीति में नया सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। इस बयान के सामने आते ही सत्तारूढ़ दल और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
भाजपा नेताओं ने इसे आस्था और पहचान पर अनावश्यक सवाल बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री का सार्वजनिक जीवन और साधु-परंपरा से जुड़ा अतीत किसी प्रमाण का मोहताज नहीं है। वहीं विपक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ते हुए सत्ता पक्ष पर मुद्दे से ध्यान भटकाने का आरोप लगा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह विवाद आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच ध्रुवीकरण को और तेज कर सकता है। सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर तीखी बहस छिड़ी हुई है, जहां समर्थक और विरोधी अपने-अपने तर्क रख रहे हैं।
फिलहाल, मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन बयानबाजी के तेज होते सुर संकेत दे रहे हैं कि यह मुद्दा जल्द शांत होने वाला नहीं

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