सुल्तानपुर घोष थाना परिसर में चला साइबर जागरूकता अभियान

साइबर थाना प्रभारी फतेहपुर मय टीम सहित पहुंचकर साइबर फ्रॉड से बचने के दिए उपाय और सुझाव

FATEHPUR NEWS: थाना सुल्तानपुर घोष परिसर में थाना प्रभारी निरीक्षक तेज बहादुर सिंह चंदेल के नेतृत्व में साइबर से सम्बंधित एक बैठक रखी गई जिसमें जिले के साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक ने अपनी टीम सहित पहुंच कर थाना परिसर में उपस्थित क्षेत्र के दर्जनों गाँवो के सैकड़ों नागरिकों को बताया कि आज डिजिटल के दौर में अधिकांश लोगों के साथ हो रहे साइबर फ्रॉड से जानकारी होने पर ही बचा जा सकता है। बताते चलें कि फतेहपुर जिले के पुलिस अधीक्षक के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक फतेहपुर के निगरानी में रविवार थाना सुल्तानपुर घोष में परिसर में एक साइबर जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें थाना क्षेत्र के दर्जनों गाँवो से सैकड़ों लोगों ने पहुंचकर इस कार्यक्रम में भाग लिया। साइबर जागरूकता कार्यक्रम के शरुआत में साइबर थाना फतेहपुर के हेड कांस्टेबल अखलेश कुमार (साइबर स्पेशलिस्ट) ने लोगों को बताया कि आजकल जो हम सभी लोग फोन चला रहें हैं इससे दूर शहरों और विदेशो में बैठे लोगों को हमारी एक भूल से हमारे बैंक खाते खाली कर रहें हैं जिसके बारे में बताया कि यदि हम लोगों के साथ कोई प्रकार का साइबर से संबंधित फ्रॉड होता है तो सबसे पहले हमें जितनी जल्दी हो सके 1930 टोल फ्री नंबर पर सूचना देकर अपने साथ हुई साइबर धोखा धड़ी (फ्रॉड) के बारे में सूचना दर्ज कराएं। सूचना दर्ज कराने के लिए कुछ महत्वपूर्ण जानकारी के रूप में बताया कि फ्रॉड होने के 24 से 48 घंटे से पहले ही हमें 1930 पर रिपोर्ट दर्ज करानी होगी, यदि 48 घंटे के बाद जानकारी होती है कि हमारे साथ साइबर फ्रॉड हुआ है तो हमें एनसीआरपी के पोर्टल साइबर क्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिनमें मुख्य रुप से जिस माध्यम से ऑनलाइन यूपीआई, फोन पे, गूगल पे, पेमेंट के यूटीआर नंबर जो 12 अंको वाला है उसे देना होता है साथ ही अपना खाता नंबर याद रखे या लिखकर रखें ईमेल आईडी, अपने थाना का नाम, पिन कोड नंबर, फ्रॉडर का मोबाइल नंबर या यूपीआई सहित शिकायत दर्ज कराते समय आपसे माँगा जायेगा। शिकायत दर्ज होने के बाद एआई से रिपोर्ट मांगी जाती है, और उस पैसे को होल्ड कर दिया जाता है, ज़ब होल्ड दिखने लगेगा और आप कम्प्लेन नंबर लेकर एक अधिवक्ता जरिये न्यायलय (कोर्ट) में शिकायत पत्र देकर कोर्ट के ऑर्डर पर स्थानीय थाना या साइबर थाना के जरिये आपके खाते में पैसे वापस भेज दिए जाते हैं। इसी क्रम में कांस्टेबल शुवेंदु रंजन ने लोगों के साथ हो रहे फ्रॉड के बारे में बताया कि आप लोग किसी को अपने नाम की सिम निकालकर मत दीजियेगा और साथ ही अनभिज्ञ व्यक्ति के खाते से पैसों के लेन देन से भी बचें, साथ ही कहा कीअपने घरों में लगे वाई फाई और फोन के वाई फाई का कोड किसी को नहीं बतायें। फोन में वाई फाई हमेशा खोल कर नहीं रखना चाहिए और अनजान लिंक को भी डाऊनलोड नहीं करें। साइबर उपनिरीक्षक रणधीर सिंह ने बताया कि हम लोग ज़ब एटीएम में पैसे निकालने जाते हैं तो सबसे पहले हमें अच्छे से देख लेना चाहिए कि कहीं कैमरा और कोई अन्य डिवाइस तो नहीं लगा हुआ है, क्योंकि आजकल एटीएम साइबर फ्रॉड करने वाले एटीएम मशीन में पहले से ही डिवाइस लगा देतें हैं जिससे की आपके पैसे के ट्रांसजेक्शन डिटेल उनके डिवाइस में चली जाती है। इसी कड़ी में सुल्तानपुर घोष थाना में तैनात उपनिरीक्षक आनंद वर्मा ने बताया कि हम ग्रामीण परिवेश से जुड़े हुए हैं जिसमें अधिकांश लोग जैसे महिलाएं कभी पेंसिल, पेन पैकिंग के लुभावने में तो कभी आवास और शौचालय के नाम पर साइबर फ्रॉड के शिकार हो जाते हैं, तो वहीं आज के युवा पीढ़ी ऑनलाइन गेमिंग का शिकार हो रहें हैं। तो कहीं अच्छी फोटो डीपी देखकर ऑनलाइन ठगी का शिकार हो रहें हैं जिसके बाद उनके पास पुलिस अधिकारी और क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर छोटी छोटी रकम से साइबर ठगी करना शुरू करते हैं। वहीं साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि सभी बताई गई जानकारियों पर यदि अमल करेंगे तो आप एपीके फाइल, गंदी वीडियो, एटीएम से होने वाले फ्रॉड, मोबाइल गेम, जैसे होने वाले सभी साइबर फ्रॉड से बच सकते हैं। इस मौके पर थाना प्रभारी निरीक्षक सुल्तानपुर घोष तेज बहादुर सिंह चंदेल, साइबर थाना प्रभारी श्रवण कुमार सिंह, उप निरीक्षक रणधीर, मुख्य आरक्षी अतुल कुमार और अखलेश उपाध्याय तथा आरक्षी के रूप में शुभेन्दु व अजय कुमार व स्थानीय थाना के उपनिरीक्षक आनंद वर्मा, दिलीप कुमार यादव, नौबस्ता चौकी इंचार्ज उत्कर्ष मिश्रा, उपनिरीक्षक मोहम्मद इबारार खान सहित थाना स्टाफ के साथ क्षेत्र के संभ्रांत नागरिक, क्षेत्रीय प्रधान एंव पत्रकार बंधु मौजूद रहें।

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