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सर्वाधिक वर्षा सेवरही मिल क्षेत्र में 300 मिमी, खड्डा में 200 मिमी, ढाढ़ा में 112 मिमी, रामकोला में 107 मिमी वर्षा रिकार्ड
KUSHINAGAR NEWS: जनपद में 3- 4 अक्टूबर को तेज हवा के साथ 115 मिलीमीटर वर्षा हुई। जिससे गन्ने की फसल गिर जाने से नुकसान हुआ है। जिले में 2 लाख 10 हजार किसानों ने गन्ने की खेती की है। इस प्राकृतिक घटना से किसान और चीनी मिल दोनों को नुकसान हुआ है। यह बातें उत्तर प्रदेश गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र पिपराइच गोरखपुर के पूर्व सहायक निदेशक ओम प्रकाश गुप्ता ने चीनी मिल परिक्षेत्र ढाढ़ा, रामकोला, सेवरहीं, खड्डा के भ्रमण के उपरांत ग्राम बकनहा शिव मंदिर के परिसर में किसानों के चौपाल में बताई। पूर्व सहायक निदेशक श्री गुप्ता ने वर्षा हुए नुकसान को लेकर चीनी मिलों के विभागाध्यक्ष गन्ना से बातचीत की। खड्डा चीनी मिल के सुधीर कुमार ने बताया 220 मिलीमीटर वर्षा हुई है। रामकोला के इंद्र कुमार शर्मा ने बताया 107 मिमी, ढाढ़ा के रविंद्र कुमार सिंह ने बताया 112 मिली मीटर तथा सेवरहीं मिल के पीएन शाही ने बताया 300 मिलीमीटर सर्वाधिक वर्षा हुई है। कृषि विज्ञान केंद्र सेवरही के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर श्रुति ने बताया दो दिनों में कुल 115 मिली मीटर वर्षा हुई है, वर्षा होने की और संभावना है। बकनहां गांव के शिव मंदिर परिसर में चौपाल में बैठे किसान जंटू कुशवाहा, बृज नारायण यादव, आत्मा गुप्ता, सुशील कुशवाहा, राम प्रवेश गुप्ता, राकेश गुप्ता, श्रीराम, रामउग्रह गुप्ता, राजकुमार, राधेश्याम जायसवाल, अमरनाथ यादव, रमन, शंकर, परशुराम यादव ने अपने गन्ने का खेत दिखाया। बताया कि जून-जुलाई में वर्षा कम हुई, यूरिया बाजार से नहीं मिला, फिर भी गन्ना फसल पिछले साल से अच्छी थी।घनश्याम कुशवाहा ने कहा जो गन्ना बधाई कराए थे वह भी गिर गया। उप गन्नाआयुक्त देवरिया एपी सिंह ने गिरा गन्ना देखकर दु:ख व्यक्त किया है। पूर्व सहायक निदेशक श्री गुप्ता ने कहा गन्ने की 20 से 25% उपज निश्चित घटेगी। चीनी परता घटेगा, गन्ना काटने-छीलने ट्रॉली पर लादने में खर्च बढ़ेगा। शरदकालीन गन्ना बुवाई प्रभावित हो गई। गिरे गन्ने से जड़े निकलेंगी, आंखें अंकुरित होंगी, चूहों का प्रकोप बढ़ेगा। कुशीनगर जिले को वर्ष 2024-25 में 922 करोड़ रुपया गन्ना मूल्य भुगतान के रूप में गन्ना फसल ने दिया।