अन्तःकरण की शुद्धता से हरिनाम जाप है मंगलदायी:आचार्य देवव्रत जी

नौढ़िया में हो रही श्रीमदभागवत कथा में उमड़े श्रद्धालु

PRATAPGARH NEWS: कुण्डा क्षेत्र के नौढ़िया टोड़ी का पुरवा में हो रही श्रीमदभागवत कथा में शुक्रवार को कथाश्रवण के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी दिखी। कथाव्यास आचार्य देवव्रत जी महराज ने कहा कि अन्तःकरण की शुद्धता से हरिनाम का जाप फलदायी हुआ करता है। उन्होने कहा कि सत्य तथा पवित्रता के साथ कलियुग में दान का मार्ग सबसे बड़ा मंगलकारक है। आचार्य देवव्रत जी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की सुन्दरलीला में मनुष्य को अपने जीवन को संवारने का मंत्र मिलता है। उन्होने कहा कि कलिकाल में सिर्फ भगवान का नाम जपने से ही मुक्ति का साधन प्राप्त हो सकता है। कथाप्रवर देवव्रत जी ने परीक्षित जन्म और भीष्म स्तुति का भी मनमोहक प्रसंग श्रद्धालुओं को सुनाया। उन्होने कहा कि श्रीमदभागवतगीता हमें नीति और नैतिकता के जीवन का बोध कराया करती है। उन्होने श्रद्धालुओं से कहा कि राग द्वेष से मुक्त होकर परोपकार के प्रति सदैव समर्पित रहना चाहिए। कथा के संयोजक प्रधान उज्ज्वल शुक्ल एवं सह संयोजिका पूनम शुक्ला ने व्यासपीठ का पूजन अर्चन किया। आयोजन समिति के डा0 नीरज शुक्ल व अधिवक्ता अम्बुज कुमार शुक्ल ने श्रद्धालुओं के साथ कथाव्यास देवव्रत जी का सम्मान किया। अंकुर शुक्ला ने श्रद्धालुओं के प्रति आभार जताया। इस मौके पर प्रेमानंद शुक्ला, पंकज शुक्ला, विवेकानंद शुक्ल, विनय शुक्ल, ज्ञानानंद, अनिल त्रिपाठी महेश, मनुज शुक्ला, सरोज शुक्ला, अजिता शुक्ला, दीक्षा शुक्ला, आलोक शुक्ला आदि रहे।

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