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टोड़ी का पुरवा में हो रही श्रीमदभागवत कथा में श्रद्धालुओं ने किया व्यासपीठ का सम्मान
PRATAPGARH NEWS: टोड़ी का पुरवा नौढ़िया में हो रही श्रीमदभागवत कथा में मंगलवार को रूक्मणी विवाह का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध दिखे। जाने माने कथाव्यास आचार्य देवव्रत जी महराज ने कहा कि मन से भगवान के प्रति अनुराग रखना ही सच्ची भक्ति है। उन्होने कहा कि देवी रूक्मणी ने अधर्म को रोकने के लिए मन ही मन द्वारिकाधीश का जाप कर लिया। आचार्य देवव्रत जी ने बताया कि भगवान ने नारी के सम्मान और उसकी इच्छा के विरूद्ध होने वाले अत्याचार की हर परिस्थिति में रक्षा की। उन्होने कहा कि भगवान की लीला सदैव चरित्र प्रधान रही है। उन्होने बताया कि जिसने निर्मलता के साथ आराधना की साधना और संकल्प को पूरा किया वह हर लोक में भगवत कृपा से सुखदायी हुआ। कथा में भक्ति और तपस्या का सुन्दर चित्रण रखते हुए आचार्य देवव्रत जी ने बताया कि भक्ति का मार्ग सदैव नैतिकता के अलंकरण से चमकता है। उन्होने कहा कि वैराग्य का अर्थ जीवन को लोभ और प्रपंच तथा अविद्या के प्रकोप से मुक्त रखना है। आचार्य देवव्रत जी ने गोर्वधन पूजा का भी सार रखते हुए बताया कि भगवान ने अभिमान और अहंकार को भी कभी स्वीकार्य नहीं किया। रूक्मणी विवाह की मनोरम झांकी को देख श्रीराधे भक्त मंत्रमुग्ध दिखे। महिलाओं ने व्यासपीठ से मनोहारी मंगलगान पर भावनृत्य की भी प्रस्तुति देकर कथा को मनमोहक बनाया। कथा में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय महासचिव डा0 कैलाशनाथ ओझा व राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी के मीडिया प्रभारी भी शामिल हुए। वहीं लालगंज टाउन एरिया के चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी महेश व ब्लाक प्रमुख इं. अमित सिंह पंकज ने कथाव्यास आचार्य देवव्रत जी को अंगवस्त्रम तथा भगवान की प्रतिमा भेंट कर आध्यात्मिक सम्मान सौंपा। संयोजक प्रधान उज्ज्वल शुक्ला एवं पूनम शुक्ला तथा चिकित्साधिकारी डा0 नीरज शुक्ल ने व्यासपीठ का वैदिक परम्परा के तहत पूजन किया। सह संयोजक अधिवक्ता अम्बुज कुमार शुक्ल, शिक्षक नेता आलोक शुक्ला, सरोज शुक्ला, अजिता व दीक्षा तथा मनुज कुमार शुक्ल ने कथा में आये श्रद्धालुओं को श्रीराधे पट्टिका प्रदान किया। भजन संध्या का प्रेमानंद शुक्ल, विवेकानंद शुक्ल, ज्ञानानंद शुक्ल व अंकुर शुक्ल ने संयोजन किया। इस मौके पर विमल जी महराज, भूपेन्द्र पाण्डेय, विभवभूषण शुक्ल, शैलेन्द्र मिश्र, लव त्रिपाठी, रज्जन सिंह, प्रीतेन्द्र ओझा, राहुल मिश्र, शास्त्री सौरभ त्रिपाठी, राजू द्विवेदी, पवन शुक्ला, रामसजीवन तिवारी, अवनीश शुक्ला, चंदन पाण्डेय, जय सिंह आदि रहे।