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राजस्व प्रशासन की मिली भगत से ग्राम समाज में बने तालाब को पाटकर भूमाफिया कर रहे हैं कब्जा
FATEHPUR NEWS: सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति का धरातल में भूमाफियाओं पर कोई असर नजर नहीं आ रहा है। जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार सरकारी जमीनों को भूमाफियाओं द्वारा कब्जा मुक्त करने के लिए समय-समय पर अधिकारियों व कर्मचारियों को आदेशित कर मुहिम चलाकर कब्जा मुक्त कराते हुए मुकदमा पंजीकृत करने की ढिंढोरा पीटते नजर आ रही है। इतना ही नहीं भू माफिया पोर्टल पर दबंग को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की बात करती भी सरकार नज़र आती है, लेकिन भूमिया पोर्टल से लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति धरातल में पूरी तरह फेल नजर आ रही है। इसी कड़ी में जिले के खागा तहसील क्षेत्र के ऐरायाँ विकास खंड अन्तर्गत चकबंदी राजस्व गांव मोहम्मदपुर गौंती की मिनजुमला गाटा संख्या 1855 में 3 बिस्वा नवीन परती में गाँव के वकार मसूद का पुस्तैनी मकान बना हुआ था, जिस पर इसी सप्ताह में गांव के दबंग मोहम्मद कैफी, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद जाहिद, मो. वाहिद, मो. हाफिज सहित दबंग लोगों ने एक साधारण परिवार का मकान गिराकर प्लाटिंग शुरू कर दिया जिसका प्रार्थी ने जिला अधिकारी से लेकर तहसील प्रशासन तक न्याय की गुहार लगाई थी। इस बात का शिकायतकर्ता वकार मसूद के प्रार्थना पत्र पर मंगलवार को चकबंदी राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर मौका मुआयाना करते हुए, जांच पड़ताल किया। तो वहीं पीड़ित वकार मसूद सहित गांव के कई लोगों ने उपरोक्त दबंग भू माफियाओं पर आरोप लगाते हुए पीड़ित का मकान गिराए जाने पर हमदर्दी जताते हुए बात कहते नजर आए और लोगों ने कहा कि गांव की ग्राम समाज की जमीन पर माफियाओं द्वारा कब्जा करके अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही है।
इस पूरे मामले में उप जिलाधिकारी खागा अभिनीत कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में है, चकबंदी गांव का मामला है जिसमें 1855 की गाटा संख्या मिनजुमला में दर्ज है। उक्त गाटा संख्या में केवल 3 बिस्वा नवीन परती भूमि है बाकी शेष रकबे में गांव के ही लोगों के नाम भूमि दर्ज है। मंगलवार को चकबंदी टीम जांच हेतु भेजी गई है जिसमें कहा गया है कि यदि मौके पर सरकारी भूमि पर किसी का कब्जा पाया गया तो धारा 67 की कार्यवाही की जाएगी पूर्व में भी एक लोग के विरुद्ध धारा 67 की कार्यवाही की गई है, उस गाटा संख्या पर कोई तालाब या तालाबी नंबर दर्ज नहीं है।