श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता का भावपूर्ण वर्णन सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु

KUSHINAGAR NEWS: फाजिलनगर क्षेत्र के दुबे पट्टी में आयोजित श्रीकृष्ण भागवत कथा में वृंदावन से पधारे प्रसिद्ध कथा वाचक अजय कृष्ण शास्त्री जी ने सुदामा-कृष्ण प्रसंग का अत्यंत भावुकता से वर्णन किया। बताया कि कैसे भगवान ने नंगे पैर दौड़कर सुदामा का स्वागत किया, उनके चरणों को अपने आँसुओं से धोया और उन्हें गले लगाया। कथा वाचक ने कहा कि यह प्रसंग हमें यह सिखाता है कि सच्ची मित्रता किसी भी भौतिक वैभव से कहीं अधिक मूल्यवान होती है। भगवान अपने भक्तों की सच्ची भावना को समझते हैं और सदा उनका कल्याण करते हैं।।अजय कृष्ण शास्त्री जी ने आगे सत्संग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सत्संग मानव जीवन को दिशा देने वाला एक दिव्य साधन है। इसके माध्यम से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि सत्कर्मों की प्रेरणा भी मिलती है। सत्संग से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मनुष्य मोक्ष की ओर अग्रसर होता है। कथा आयोजन में महंत पुजारी गोस्वामी जी, युगल किशोर गुप्ता, श्रीनिवास यादव, शंभू गुप्ता, किशोर गुप्ता, शिव गुप्ता, वीरेंद्र गुप्ता, केशवर यादव, संजय यादव, लाल बहादुर यादव, नीरज गुप्ता, रामप्रीत खरवार, बिगु, राकेश यादव, मुन्ना गुप्ता मौजूद रहे।

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