Physical Address
Pratahkal Express Newspaper
79A-Moti Lal Nehru Road Prayagraj
Opp Women’s Hostel Allahabad University

कृषि में बढ़ रही है महिलाओं की भागीदारी: कुलाधिपति डॉ. पंजाब सिंह
महिला किसान दिवस का विचार 2017 में शुरू हुआ: कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह
JHANSI NEWS: रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय महिला किसान दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुलाधिपति डॉ. पंजाब सिंह, अध्यक्षता कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह, विशिष्ट अतिथि उप श्रम आयुक्त झांसी मंडल श्रीमती किरण मिश्रा तथा महानिदेशक उपकार लखनऊ डॉ. संजय सिंह, निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ सुशील कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। मुख्य अतिथि कुलाधिपति डॉ. पंजाब सिंह ने कहा कि महिला किसान भारतीय कृषि की रीढ़ हैं। आज महिलाएं खेती-बाड़ी, पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, फल-फूल उत्पादन और मछली पालन में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा रही हैं। उप श्रम आयुक्त झांसी मंडल किरण मिश्रा ने अपने उद्बोधन की शुरुआत प्रेरक पंक्तियों “सृष्टि नहीं नारी बिना” से की। उन्होंने कहा कि समाज को अब महिलाओं को समान अवसर और अधिकार देना होंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं जैविक खेती, पर्यावरण संरक्षण और उद्यमिता के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही हैं। अध्यक्षीय सम्बोधन में कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि “महिला किसान दिवस” की शुरुआत वर्ष 2017 में तत्कालीन कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह के प्रयासों से हुई थी। उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र में लगभग 50 प्रतिशत श्रमिक महिलाएं हैं, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में यह संख्या 90 प्रतिशत तक पहुंचती है। विश्वविद्यालय में वर्तमान में 60 प्रतिशत छात्राएं अध्ययनरत हैं और पिछले दीक्षांत समारोह में 17 छात्राओं को स्वर्ण पदक प्राप्त हुए। महानिदेशक उपकार, लखनऊ डॉ. संजय सिंह ने कहा कि महिला सशक्तिकरण को कृषि के विकास और खाद्य सुरक्षा से जोड़ना समय की मांग है। केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं के लिए अनेक योजनाएं चला रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को कृषि के साथ पशुपालन, प्रसंस्करण और विपणन को जोड़कर अपनी आय बढ़ानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला किसानों को सम्मानित किया गया
कार्यक्रम समन्वयक/ निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. सुशील कुमार सिंह ने सभी का स्वागत परिचय कराते हुए कहा कि “महिला किसान दिवस” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि महिला किसानों के योगदान का सम्मान और उनके सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त पहल है।
समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारीगण, महिला वैज्ञानिक, छात्राएँ एवं विभिन्न ग्रामों से आईं महिला किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ, इसमें महिला सशक्तिकरण और कृषि में उनकी निर्णायक भूमिका का भावपूर्ण संदेश झलका। कार्यक्रम का संचालन डॉ स्वाति शैडगे ने एवं डॉ शुभा त्रिवेदी ने सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।