भारतीय ग्रामीण संस्कृति पर भारी पड़ रही पश्चात सभ्यता

JALAUN NEWS: भारत की आत्मा उसके गांवों में बसती है। यह वाक्य केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि देश की सामाजिक सच्चाई को भी दर्शाता है। भारतीय ग्रामीण संस्कृति सदियों से अपनी सादगी, सामूहिकता, परंपरा और नैतिक मूल्यों के लिए जानी जाती रही है। परंतु वर्तमान समय में यह गौरवशाली संस्कृति धीरे-धीरे पश्चात सभ्यता के प्रभाव में अपनी विशिष्टता खोती जा रही है। कभी गांवों में लोकगीतों की मधुर धुन, पारंपरिक वेशभूषा, त्यौहारों की सामूहिकता और आत्मीयता का माहौल देखने को मिलता था। आज वहीं पर मोबाइल, टेलीविजन और सोशल मीडिया ने ग्रामीण जीवनशैली को पूरी तरह बदल दिया है। आधुनिकता के नाम पर दिखावे, फैशन, फास्ट फूड और भोगवाद ने सादगी और आत्मनिर्भरता को पीछे छोड़ दिया है। संयुक्त परिवार टूट रहे हैं, और जहां पहले सामूहिक निर्णय होते थे, अब व्यक्तिगत स्वार्थ और प्रतिस्पर्धा ने स्थान ले लिया है।
ग्रामीण समाज में संस्कार और बड़ों का सम्मान जैसी परंपराएँ अब औपचारिकता बनकर रह गई हैं। बच्चों में लोककला, लोकनृत्य और लोकसंगीत के प्रति रुचि घट रही है। कृषि और पारंपरिक कुटीर उद्योगों के स्थान पर शहरों की नौकरी और उपभोक्तावादी जीवनशैली को अधिक महत्व दिया जा रहा है। इससे गांवों की आत्मा कहे जाने वाले पेशे और कला धीरे-धीरे समाप्त हो रही हैं।
पश्चिमी सभ्यता का प्रभाव केवल पहनावे या खान-पान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने मानसिकता और सामाजिक संबंधों को भी प्रभावित किया है। अब रिश्तों में व्यवहारिकता की जगह औपचारिकता ने ले ली है। त्यौहार जो कभी सामाजिक एकता का प्रतीक थे, अब केवल दिखावे तक सीमित हो गए हैं। हालांकि यह भी सच है कि आधुनिकता ने शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी विकास के नए अवसर प्रदान किए हैं। लेकिन आवश्यकता इस बात की है कि हम आधुनिकता और परंपरा के बीच संतुलन बनाएं। विकास की दौड़ में अपनी जड़ों को न भूलें। ग्रामीण युवाओं को अपनी संस्कृति, लोककला और भाषा के संरक्षण की दिशा में आगे आना होगा। अंततः कहा जा सकता है कि पश्चिमी सभ्यता ने हमें नई सोच दी है, परंतु यदि इस प्रक्रिया में हम अपनी ग्रामीण संस्कृति की आत्मा खो देंगे, तो यह प्रगति नहीं बल्कि संस्कृति का पतन कहलाएगा। इसलिए आवश्यक है कि हम अपनी परंपराओं और मूल्यों को संजोत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *