बिहार चुनाव के चलते पदयात्रा की तिथियाँ बदली, अब 12 नवंबर से 24 नवंबर तक सरयू से संगम होगी पदयात्रा: संजय सिहं

वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा वाले सनातन धर्म में नफरत का कोई स्थान नहीं: संजय सिंह

PRAYAGRAJ NEWS: आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बुधवार को प्रयागराज के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में आम आदमी पार्टी की रोजगार दो सामाजिक न्याय दो पदयात्रा की तिथियां में परिवर्तन की जानकारी देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की “रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा की तिथियाँ बिहार में होने वाले चुनाव के चलते बदल दी गई हैं — अब यह पदयात्रा 12 नवम्बर से 24 नवम्बर तक अयोध्या से प्रयागराज (सरयू से संगम) चलेगी — क्योंकि 11 नवम्बर को बिहार के अंतिम चरण का चुनाव होना है। संजय सिंह ने इस पदयात्रा के दो प्रमुख मुद्दों रोजगार दो और सामाजिक न्याय दो के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा की प्रदेश में बेरोज़गारी, भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमित कर्मचारियों की संख्या का मुद्दा बेहद चिंताजनक और महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि रेडी-पटरी वाले, कृषि क्षेत्र और अन्य पारंपरिक पेशों के लोगों के रोजगार खतरे में हैं; इसलिए रोजगार के मुद्दे पर सभी वर्गों को जोड़कर इस पदयात्रा के माध्यम से संघर्ष किया जाएगा। सामाजिक न्याय के विषय पर उन्होंने प्रदेश में बढ़ते भेदभाव-और-हिंसा के कई मामलों का जिक्र करते हुए चिंता जताई —उन्होंने कहा कि जिस तरह से उत्तर प्रदेश में सामाजिक भेदभाव बढ़ रहा है, कहीं किसी का सर मुड़वा दिया जाता है, कहीं किसी को मंदिर में पेशाब चटवाई जा रही है, कहीं हरिओम वाल्मीकि की मोब लिंचिंग में हत्या कर दी जा रही है, कहीं व्यापारी को सड़क पर नाक रगड़वाकर के माफी मंगवाई जा रही है। यह सभी घटनाएं अपने आप में चिंताजनक और दुखद है। उन्होंने लखीमपुर और बांदा विश्वविद्यालय में आरक्षण संबन्धी भेदभाव का भी हवाला दिया। आप सांसद ने सनातन धर्म की मान्यताओं का जिक्र करते हुए कहा कि वे उस सनातन धर्म में यकीन रखते हैं जो “वसुधैव कुटुंबकम” की अवधारणा पर चलता है और जिसमें रामचरितमानस की चौपाई — “सब नर करहिं परस्पर प्रीति” — के सिद्धांत को महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि ईश्वर ने पूरे संसार को बनाया है तो जाति-धर्म के नाम पर नफरत और भेदभाव का कोई आधार नहीं बनता। संजय सिंह ने कहा कि जहाँ-जहाँ भी आपसी प्रेम और भाईचारे में मिलावट दिखे, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। बिहार चुनाव के प्रश्न पर संजय सिंह ने कहा कि वहाँ मतदाता सूची में भारी अंतर है — उनके दावे के अनुसार सितंबर 2025 तक 18 वर्ष से ऊपर की आबादी 8 करोड़ 22 लाख थी, जबकि मतदाता सूची लगभग 7 करोड़ 42 लाख बनी; उनका कहना था कि इस तरह से करीब 80 लाख वोट पहले ही कट चुके हैं; वे डुप्लीकेट वोटों और अजीब नाम-एंट्री का भी जिक्र कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महज़ 315 घुसपैठिए मिले हैं, जिसमें 78 मुसलमान है, बाकी नेपाल के हिंदू हैं जिसके कारण यह पूरी प्रक्रिया चलाई गई। बीजेपी दरअसल भ्रमित करके जुमला फेंक के चुनाव लड़ना चाहती है। दिल्ली के प्रदूषण पर तंज़ करते हुए संजय सिंह ने प्रधानमंत्री और स्थानीय प्रशासन की आलोचना की और कहा कि दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में हुई कथित हिंसा और मज़हबी-जातीय घटनाओं का आरोप उठाया और पूछा कि क्या राज्य सरकार हिंदुओं और दलितों के साथ समान न्याय कर रही है।उत्तर प्रदेश में हिंदुओं के साथ हो रहे अन्याय पर संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में रेडी पटरी के दुकानदार और तमाम हिंदुओं के घरों को तोड़ा गया, कितने ही सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया गया जिनमें हिंदुओं के बच्चे पढ़ रहे थे उन्होंने सवाल किया कि क्या योगी आदित्यनाथ हिंदुओं के साथ न्याय कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि दलित उत्पीड़न के मामले में योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को पहले नंबर पर पहुंचा दिया है। प्रेसवार्ता में निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह, काशी प्रांत अध्यक्ष पवन तिवारी, श्रम प्रकोष्ठ अध्यक्ष अंजनी मिश्रा, जिला अध्यक्ष सर्वेश यादव शामिल रहे।

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