Physical Address
Pratahkal Express Newspaper
79A-Moti Lal Nehru Road Prayagraj
Opp Women’s Hostel Allahabad University

कलम की भी कायस्थ समाज के लोगों द्वारा की गई विधि-विधान के साथ पूजा
मंदिर में बैठे कायस्थ समाज के लोग
BHADOHI NEWS: भगवान श्री चित्रगुप्त की जयंती पर गुरुवार को कायस्थ समाज के लोगों ने नगर स्थित श्री चित्रगुप्त भगवान के मंदिर में पहुंचकर विधि-विधान के साथ हवन और पूजा की। जहां पर सभी के द्वारा कलम की भी विधि-विधान के साथ पूजा की गई। इस दौरान कायस्थ समाज के लोगों ने कलम की पंचोपचार विधि से पूजा करके भगवान श्री चित्रगुप्त का स्मरण किया। उनसे हाथ जोड़कर उस कलम को आशीर्वाद रूप में प्राप्त करने की प्रार्थना की गई। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के जिलाध्यक्ष जगदीश श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रकार पूजी गई कलम अमोघ यानि प्रभावी हो जाती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक उस कलम से लिखा गया सही हो जाता है। पूजा की गई कलम से लिखने पर दैवीय सहायता प्राप्त होती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक भगवान श्री चित्रगुप्त ब्रह्मदेव की काया यानि शरीर से उत्पन्न हुए थे। इसलिए उनको कायस्थ कहा जाता है। इसी कारण ब्रह्मदेव ने उनको जीवों के कर्मों का लेखा-जोखा रखने की जिम्मेदारी दी है। चित्रगुप्त पूजा करने से बुद्धि, विद्या और लेखन में महारत हासिल होती है। उन्होंने कहा कि दिवाली से चित्रगुप्त पूजा तक कायस्थ समाज के लोग लेखा-जोखा का कार्य नहीं करते हैं। कलम की पूजा करके उसपर स्वास्तिक का चिन्ह अंकित किया जाता है। श्रीगणेशाय नमरू लिखकर सिद्धि बुद्धि सहित श्रीगणेश को प्रणाम किया जाता है। उसके बाद उस कलम को प्रयोग में लिया जाता है। जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र श्रीवास्तव संजय ने भगवान श्री चित्रगुप्त की 51 फीट ऊंची मूर्ति का निर्माण श्री चित्रगुप्त शक्तिपीठ वृंदावन में कराएं जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। कहा कि यह एशिया ही नहीं बल्कि विश्व में भगवान श्री चित्रगुप्त की सबसे ऊंची मूर्ति है। इस मौके पर मनोज श्रीवास्तव, विवेक रंजन श्रीवास्तव, आलोक श्रीवास्तव, राजेंद्र श्रीवास्तव, दिनेश श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, रतन श्रीवास्तव, शिवम श्रीवास्तव, सुमित श्रीवास्तव, अरूण श्रीवास्तव कमलेश श्रीवास्तव, अमिताभ श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, मनीषा अम्भष्ट व आशीष श्रीवास्तव आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहें।