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पुलिस प्रशासन के खिलाफ आक्रोश के साथ तहसील व दीवानी में अदालती कामकाज का भी किया बहिष्कार
PRATAPGARH NEWS: वरिष्ठ अधिवक्ता समेत तीन तीन वकीलांे पर कातिलाने हमले को लेकर शुक्रवार को यहां तहसील तथा दीवानी के वकीलों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। साथियों के लखनऊ में उपचार के तहत गंभीर स्थिति की जानकारी ने वकीलों के गुस्से को और बढ़ा दिया है। वकीलो ने तहसील परिसर से लेकर नेशनल हाइवे पर पुलिस व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए घटना पर कडा विरोध दर्ज कराया। नाराज वकीलो ने सीओ कार्यालय पहुंचकर आधे घण्टे तक हंगामा किया। वहीं तहसील परिसर में भी तहसीलदार का घेराव किया। वकीलो ने डीएम व एसपी को संबोधित ज्ञापन सीओ आशुतोष मिश्र और तहसीलदार गरिमा वर्मा को सौपते हुए साथियों पर हमले मे संलिप्त सभी आरोपियो की फौरन गिरफ्तारी की मांग उठाई है। अफसरो ने वकीलो को कार्रवाई का भरोसा दिलाकर किसी तरह शांत कराया। लालगंज तहसील के अधिवक्ता सांगीपुर थाना क्षेत्र के बवरिहा निवासी रूद्र प्रताप पाण्डेय व उनके पुत्र एवं हाईकोर्ट के अधिवक्ता बाल कृष्ण पाण्डेय तथा जिला कचेहरी के अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं परिवार के वरिष्ठ सदस्य भानु प्रताप पाण्डेय पर बुधवार की देर शाम गांव के विपक्षियो ने कातिलाना हमला बोल दिया। घटना के तीसरे दिन शुक्रवार को भी घायल वकीलो का लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज जारी बताया गया है। घटना को लेकर शुक्रवार की सुबह वकीलों की आमसभा संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी महेश की अध्यक्षता में हुई। आमसभा में गंभीर अपराध की घटना मे महज एक आरोपी की गिरफ्तारी से वकील खासे असंतुष्ट दिखे। नाराज वकीलो ने तहसील तथा दीवानी अदालत में कामकाज से बहिष्कार का प्रस्ताव भेजवाया। इससे दीवानी एवं तहसील में शुक्रवार को न्यायिक कामकाज पूरे दिन ठप दिखा। आम सभा का संचालन महामंत्री हरिश्चंद्र पाण्डेय ने किया। इसके बाद नाराज वकीलो ने परिसर से लेकर हाइवे तक पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सैकडो वकीलो का जत्था नारेबाजी करता हुआ तहसीलदार चेंबर पहुंच गया। वकीलो की नाराजगी भांपकर तहसीलदार गरिमा वर्मा चेंबर से बाहर आयीं। यहां वकीलों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन सौपा। इसके बाद वकीलो का भारी हुजूम तेवर के बीच कोतवाली गेट होते हुए सीओ कार्यालय आ धमका। यहां वकीलो के द्वारा पुलिस प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी देखी गयी। ऐहतियातन लालगंज कोतवाल आलोक कुमार पहले से ही भारी फोर्स के साथ सीओ कार्यालय डटे दिखे। वकीलों की नारेबाजी को सुनकर सीओ आशुतोष मिश्र बाहर निकले। यहां अधिवक्ताओ ने एसपी को संबोधित उन्हे ज्ञापन थमाया। आल इण्डिया रूरल बार एसोशिएसन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने साथियों पर हमले को दुर्लभतम अपराध करार देते हुए सीओ से सभी आरोपियो की गिरफ्तारी पर जोर दिया। संघ के अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी महेश ने दो टूक कहा कि गिरफ्तारी न होने पर वकील सांगीपुर थाने का अनिश्चितकालीन घेराव शुरू करेंगे। आमसभा को संबोधित करते हुए पूर्व अध्यक्ष राममोहन सिंह, देवी प्रसाद मिश्र, टीपी यादव, संदीप सिंह, उपाध्यक्ष आशीष तिवारी ने कहा कि अधिवक्ताओ पर हमला पुलिस की सह पर हुआ है। वकीलो का सीधा आरोप दिखा कि एक वर्ष पहले भी चुटहिल अधिवक्ता पर जानलेवा हमले को लेकर पुलिस ने आरोपियो पर शिकंजा कसा होता तो दोबारा ऐसे हमले की पुनरावृत्ति न होती। इस मौके पर दिनेश मिश्र, संतोष पाण्डेय, शैलेन्द्र सिंह, शैलेन्द्र मिश्र, अनूप पाण्डेय, सूर्यकांत निराला, मिथलेश त्रिपाठी, अंकित सिंह, सिंटू मिश्र, मोहित जायसवाल, निरंजन पाण्डेय, सुमित त्रिपाठी, राजेश दुबे, विपिन शुक्ला, शिव नारायण शुक्ला, घनश्याम मिश्र, प्रदीप मिश्र, हर्षद श्रीवास्तव, वीरेन्द्र गौतम, संतोष सिंह, मोनू पाण्डेय, नामवर सिंह, सचिन पाण्डेय, अरूण तिवारी, रामजी यादव, अतुल सिंह, अंशुमान पाण्डेय, दीपक पाण्डेय आदि अधिवक्ता रहे। वहीं घटना के तीसरे दिन एक आरोपी के अलावा पुलिस नामजद अन्य आरोपियो को हिरासत में नहीं ले सकी। हालांकि सांगीपुर पुलिस ने आरोपियो के घर से एक कार व एक बाइक समेत चार वाहनों को कब्जे मे लेकर सीज कर दिया है।