संतो की वाणी कभी विफल नहीं होती : पंडित सारंग धर त्रिपाठी

KAUSHAMBI NEWS: विकास खण्ड कड़ा के पथरावा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचक पंडित सारंग धर त्रिपाठी ने कथा का वर्णन करते हुए बताया कि संत हमेशा कृपालु होते हैं। संतों की वाणी कभी विफल नहीं होती अतः हमें संतों का सानिध्य करना चाहिए। जब भी कोई सुनने सुनाने वाला न मिले तो भगवान का नाम स्मरण करना चाहिए। महाराज ने ध्रुव चरित्र, भरत चरित्र, भक्त प्रह्लाद एवं अजामिल चरित्र का बखान कर मंदिर में आए श्रद्धालुओं को स्वामी सुखदेव द्वारा कही गई कथा सुनाई। कथा का श्रवण सुन मौजूद श्रोता झूम उठे और भाव विभोर हो गए । इस दौरान मुख्य यजमान हरि प्रसाद साहू सहित बड़ी संख्या में श्रोता गण मौजूद रहे ।

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