भेड़ी खुर्द में खनन माफियाओं की बेरहमीबाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत, ग्रामीणों में आक्रोश

JALAUN NEWS: भेड़ी खुर्द क्षेत्र में खनन माफियाओं की बढ़ती नृशंसता ने एक बार फिर हद पार कर दी। बुधवार को कदौरा –जलालपुर मार्ग पर बाइक से जा रहे एक युवक को तेज रफ्तार बोलेरो ने पीछे से रौंद दिया। गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत मेडिकल कॉलेज उरई ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया और ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कदौरा–जलालपुर मार्ग जाम कर दिया।
जानकारी के अनुसार, मृतक युवक गांव के बाहर प्लॉट देखने जा रहा था, तभी पीछे से आ रही बोलेरो ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के समय बोलेरो में खनन माफिया और खंड संख्या 4 की बालू खदान के इंचार्ज सहित कुछ अन्य कर्मचारी भी सवार थे। घटना के बाद बोलेरो चालक मौके से फरार हो गया। मृतक के परिजनों ने कदौरा कोतवाली में तहरीर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि खनन माफिया इलाके में खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध खनन कर रहे हैं। दो दिन पहले ही इसी खंड में नदी में एक शिव नाम के युवक की मौत हुई थी, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की गई। खनन माफिया अपने आप को विधायक का दाया हाथ मानता है जिस वजह से प्रशासन भी हाथ डालने से कतराता है यह स्थिति लोगों के लिए चिंता और आक्रोश दोनों का कारण बन गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विधायक का दायां हाथ कहा जाने वाला सभासद खनन माफियाओं को संरक्षण दे रहा है। यही कारण है कि एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए खनन जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि खनन की वजह से सड़कें और ग्रामीण इलाका खतरे में पड़ गया है, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध खनन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों की जान-माल के लिए भी खतरा बन गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि खनन माफियाओं के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए और हादसों की पुनरावृत्ति को रोका जाए। इस बीच पुलिस ने कहा है कि वह मामले की जांच कर रही है और जिम्मेदार व्यक्तियों को पकड़ने के लिए टीम गठित की गई है। हालांकि, ग्रामीणों का मानना है कि जांच केवल औपचारिकता तक सीमित रह जाएगी, जब तक प्रशासन और राजनीतिक संरक्षण में खनन माफियाओं पर कड़ा प्रहार नहीं किया जाता। भेड़ी खुर्द में लगातार हो रही ऐसी घटनाएं इलाके में भय और आक्रोश दोनों फैला रही हैं। स्थानीय लोग अब सड़कें जाम करने और आंदोलन करने को मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और विधायक के सहयोगियों की अनदेखी के कारण खनन माफियाओं की दहशत बढ़ती जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या प्रशासन अवैध खनन और उसके कारण होने वाली मौतों पर नियंत्रण रखने में सक्षम है । ग्रामीणों की मांग है कि जिम्मेदार खनन माफियाओं को कानून के दायरे में लाया जाए और मृतक युवक के परिवार को न्याय मिले। अंततः भेड़ी खुर्द की यह घटना प्रशासन और खनन माफियाओं के बीच के तालमेल की पोल खोलती है और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के प्रति गंभीर चेतावनी है।

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