रामलीला पार्क या ‘रामलीला ऑफ करप्शन’?

नगर पंचायत खीरी में बेवा की जमीन पर नींव खुदाई, जांच की मांग तेज

पीड़ित महिला बोली “मेरे हिस्से की जमीन भी विकास की भेंट चढ़ गई
LAKHIMPUR KHERI NEWS: नगर पंचायत खीरी में निर्माणाधीन रामलीला पार्क का नाम भले ही “धार्मिक” हो, पर इसके निर्माण में चल रही “लीला” अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। पार्क की नींव जिस जमीन पर रखी गई है, वह किसी सरकारी भूमि पर नहीं, बल्कि एक बेवा (विधवा) महिला परवीन बेगम के प्लॉट पर निकली।
विकास की लीला, बेवा की पीड़ा
वार्ड नंबर 1, मोहल्ला अरनी खाना में तीन वर्ष पूर्व रामलीला पार्क का प्रस्ताव पारित हुआ था। ओम साईं कॉन्ट्रैक्टर हेमंत गुप्ता को निर्माण का ठेका मिला, पर जमीन की व्यवस्था नहीं हो सकी। ठेकेदार ने 26 जुलाई 2024 और 25 अक्टूबर 2024 को अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखकर स्पष्ट कहा कि निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है।
फिर भी न जाने कब और कैसे विकास की गंगा बह निकली— और नींव भराई शुरू हो गई। नींव उसी प्लॉट पर पड़ी, जो परवीन बेगम के नाम रजिस्ट्रीकृत है।
बेवा की जुबानी “मेरी जमीन सरकारी कैसे हो गई?”
बेवा परवीन बेगम कहती हैं  मेरे पति शाहिद अली ने 2016 में प्लॉट खरीदा था, और उसका अगला हिस्सा मेरे नाम 2017 में रजिस्ट्री हुआ। आज अचानक वही जमीन नगर पंचायत ने सरकारी बता दी! ईओ से पूछा तो बोले ‘आप क्यों पीछे पड़ी हैं।’ क्या अब अपनी जमीन पर सवाल पूछना भी गुनाह है?”
उन्होंने नगर पंचायत से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत भेजी है। पर जवाब में मिला “जमीन सरकारी है।”
दस्तावेजों से लापता ईमानदारी
जब पत्रकारों ने अधिशासी अधिकारी से भूमि की गाटा संख्या या रिकार्ड मांगा, तो उन्होंने झुंझलाते हुए कहा, “आप नगर पंचायत खीरी के पीछे क्यों पड़े हैं।” अध्यक्ष और ईओ ने बिना चौहद्दी देखे ही “भूमि सरकारी” घोषित कर दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि “अगर यह सरकारी जमीन है, तो दस्तावेज क्यों नहीं दिखाए जा रहे?”
जनता बोली— रामलीला पार्क नहीं, ‘भ्रष्टाचार पार्क’ बनेगा नाम
क्षेत्र में चर्चा है कि यह पार्क “धार्मिक आस्था” से अधिक “राजनीतिक आस्था” का प्रतीक बनता जा रहा है। सवाल उठता है— बिना भूमि स्वामित्व तय हुए, आखिर निर्माण का ठेका कैसे दिया गया?
अगर इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो नगर पंचायत खीरी की “विकास लीला” का पूरा “रामायण” खुलकर सामने आ जाएगा।

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