पत्नी-बेटियों को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दोषी को सुनाया सजा

दोषी को कोर्ट ने 7 साल की सजा एवं 23 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया
FATEHPUR NEWS: पारिवारिक कलह और शराबखोरी के चलते पत्नी और चार बेटियों को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में एक व्यक्ति को अदालत ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायालय संख्या-2 की पीठासीन अधिकारी पूजा विश्वकर्मा ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। दोषी रामभरोसे को पांच वर्ष के सश्रम कारावास सहित कुल सात साल की जेल और 23 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। शासकीय अधिवक्ता प्रमिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यह घटना 30 जनवरी 2020 की है। फतेहपुर के शांतिनगर निवासी वादी दिनेश कुमार ने अपने भाई रामभरोसे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रामभरोसे शराब का आदी था और आए दिन अपनी पत्नी श्यामा देवी व चार बेटियों — प्रियंका, पिंकी, वर्षा और रूबी को गाली-गलौज और मारपीट से प्रताड़ित करता था। घटना वाले दिन भी रामभरोसे ने घर में झगड़ा किया, जिससे क्षुब्ध होकर पत्नी व बेटियों ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सभी के विसरा में एल्यूमिनियम फॉस्फाइड (कीटनाशक) की पुष्टि हुई थी। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहियों को सुनने के बाद आरोपी रामभरोसे को धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) में पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। इसके अतिरिक्त, धारा 323 (मारपीट) में एक वर्ष की सजा व 1 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 504 (गाली-गलौज) में एक वर्ष की सजा व 2 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमिल कुमार श्रीवास्तव ने पैरवी की। अदालत ने आरोपी की जमानत रद्द करते हुए उसे जेल भेजने के आदेश दिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *