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डीएम बोलीं,आत्मनिर्भर भारत की असली ताकत हैं हमारी बेटियां
LAKHIMPUR KHERI NEWS: जिला प्रशासन की पहल पर मिशन शक्ति अब नए मुकाम छू रहा है।डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल की अगुवाई में लखीमपुर खीरी में मंगलवार को आयोजित ‘ड्राइविंग माय ड्रीम’ कार्यक्रम ने बेटियों को आत्मनिर्भरता की दिशा में नई उड़ान दी।एआरटीओ ऑफिस में इस विशेष आयोजन में 101 बालिकाओं को निःशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किए गए, जिससे उनके चेहरों पर आत्मविश्वास की चमक झलक उठी। कार्यक्रम का संचालन पीटीओ डॉ कौशलेंद्र ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने सीडीओ अभिषेक कुमार संग दीप जलाकर व मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। समारोह के दौरान जब बेटियों ने अपने ड्राइविंग लाइसेंस ग्रहण किए,तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि मा. मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति 5.0 के तहत चलाए जा रहे “ड्राइविंग माय ड्रीम” कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद की 101 बालिकाओं को प्रशिक्षित कर ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किया गया है। अब बेटियों के हाथ में स्टीयरिंग है, यानी दिशा भी उनकी और मंज़िल भी उनकी।डीएम ने कहा कि मिशन शक्ति का मकसद हर बेटी को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सशक्त बनाना है। ये बालिकाएं सड़क पर उतरने से पहले जीवन की राह पर आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ा रही हैं। ड्राइविंग सिखाना केवल एक तकनीकी प्रशिक्षण नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया गया सशक्त कदम है।सुरक्षा कोई विकल्प नहीं, ज़रूरत है।हेलमेट और सीट बेल्ट आपकी ढाल हैं, इन्हें आदत बनाएं। डीएम ने संदेश दिया कि ड्राइविंग सिर्फ स्किल नहीं, आत्मविश्वास की उड़ान है। अब बेटियां खुद चलेंगी, खुद आगे बढ़ेंगी और नई प्रेरणा बनेंगी।सीडीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि मिशन शक्ति के इस अभियान ने साबित किया है कि जब अवसर मिले, तो बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहतीं। कई महिलाएं आज भी कार्यस्थल जाने के लिए पति या परिजनों पर निर्भर हैं, जबकि उन्हें खुद अपनी राह चलनी चाहिए। उन्होंने बेटियों को प्रेरित करते हुए जोड़ा कि अगर महिलाएं खुद ड्राइव करना सीख लें, तो आत्मनिर्भरता की सड़क खुद-ब-खुद खुल जाती है। एआरटीओ शांति भूषण पांडे ने कहा कि यह प्रशिक्षण न केवल व्यावहारिक है, बल्कि सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक अनुशासन की समझ को भी मजबूत करता है।
सिम्युलेटर पर बालिकाओं ने थामी स्टीयरिंग, सीखी ड्राइविंग की बारीकियां ‘ड्राइविंग माय ड्रीम’ अभियान में बालिकाओं ने दिखाई गजब की उत्सुकता
मिशन शक्ति के तहत ‘ड्राइविंग माय ड्रीम’ कार्यक्रम के तहत सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में जनपद की बालिकाओं ने ड्राइविंग सिम्युलेटर पर कार चलाना सीखा। सिम्युलेटर पर रफ्तार पकड़ते हुए बालिकाओं ने न सिर्फ स्टीयरिंग थामी बल्कि ट्रैफिक सिग्नल, क्लच, ब्रेक, गियर और सड़क सुरक्षा के अहम नियमों को भी बारीकी से समझा। बालिकाओं ने कहा कि यह उनके लिए एक नया और रोमांचक अनुभव था। पहली बार स्टीयरिंग थामकर लगा कि अब हम भी खुद अपनी मंजिल तक पहुंच सकती हैं।
डीएम ने दिलाया सड़क सुरक्षा का संकल्प
“ड्राइव माय ड्रीम” कार्यक्रम में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने बालिकाओं को सड़क सुरक्षा का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि ड्राइविंग केवल चलाने की कला नहीं, जीवन की जिम्मेदारी है। सफर चाहे छोटा हो या लंबा, शुरुआत हमेशा हेलमेट और सीट बेल्ट से करें। नियमों का पालन ही असली स्मार्टनेस है। डीएम ने बेटियों को प्रेरित किया सुरक्षित चलो, आगे बढ़ो, और दूसरों के लिए मिसाल बनो।
बालिकाओं की आवाज़ : ड्राइव माय ड्रीम ने दिए आत्मनिर्भरता के पंख
ड्राइव माय ड्रीम” कार्यक्रम में छात्राओं आस्था वर्मा और मंतशा बानो ने डीएम के समक्ष अपने विचार रखकर सबका दिल जीत लिया। कहा कि यह पहल हमारे जैसे बेटियों के लिए नई दिशा है। अब हम सिर्फ सपने नहीं देखेंगे, उन्हें खुद ड्राइव करेंगे। दोनों बालिकाओं ने जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि आपने हमें सिर्फ ड्राइविंग नहीं सिखाई,बल्कि जीवन की स्टीयरिंग थमाई है।