70वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल लखीमुपर खीरी के द्वारा विभिन्न जागरूकता आभियानो का आयोजन

LAKHIMPUR KHERI NEWS: बुधवार को सतर्कता जागरूकता के तहत  70वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, लखीमपुर खीरी-II  की ई-समवाय कर्तनियाघाट द्वारा एक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समवाय के अधिकारीगण, बल कर्मी तथा स्थानीय नागरिकों, ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों में सतर्कता, ईमानदारी, पारदर्शिता, साइबर सुरक्षा तथा स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता उत्पन्न करना था। कार्यक्रम के दौरान समवाय प्रभारी द्वारा उपस्थित नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। लोगों को बताया गया कि आज के डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा का महत्व अत्यधिक बढ़ गया है। नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, पासवर्ड सुरक्षा, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया पर सावधानी बरतने संबंधी आवश्यक दिशानिर्देश प्रदान किए गए। नागरिकों को यह भी बताया गया कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या संदेश पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें तथा ऐसी किसी घटना की सूचना तुरंत संबंधित विभाग या पुलिस को दें। जन-जागरूकता को और प्रभावशाली बनाने के लिए समवाय द्वारा वॉकथॉन का आयोजन किया गया, जिसमें बल कर्मियों के साथ स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वॉकथॉन के माध्यम से “सतर्क नागरिक – सुरक्षित समाज” का संदेश दिया गया। प्रतिभागियों ने हाथों में जागरूकता से संबंधित नारे लिखे पोस्टर लेकर समाज में ईमानदारी और सतर्कता का संदेश प्रसारित किया। वॉकथॉन के दौरान स्थानीय लोगों ने भी बल के इस प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम के उपरांत ई-समवाय कर्तनियाघाट के बल कर्मियों एवं नागरिकों ने मिलकर स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान सार्वजनिक स्थलों, मार्गों और आसपास के क्षेत्रों की सफाई की गई। अभियान के दौरान नागरिकों को स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया गया और “स्वच्छ भारत, सुरक्षित भारत” का संदेश दिया गया। उपस्थित ग्रामीणों ने भी इस पहल में बढ़-चढ़कर भाग लिया और भविष्य में स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित नागरिकों, एवं बल कर्मियों को सतर्कता की शपथ दिलाई गई। समवाय प्रभारी ने अपने संबोधन में कहा कि सतर्कता केवल एक सप्ताह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवनशैली का हिस्सा बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को अपने कार्य के प्रति ईमानदार और जिम्मेदार रहना चाहिए, क्योंकि एक सतर्क नागरिक ही सुरक्षित और सशक्त समाज की नींव रखता है।स्थानीय नागरिकों ने सशस्त्र सीमा बल के इस जनकल्याणकारी प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से न केवल जनता में जागरूकता बढ़ती है, बल्कि सुरक्षा बलों और नागरिकों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग भी मजबूत होता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से सशस्त्र सीमा बल ने यह संदेश दिया कि सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व की भावना के साथ ही समाज में ईमानदारी, स्वच्छता और सतर्कता के आदर्शों को अपनाना आवश्यक है। 70वीं वाहिनी सशस्त उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है जिसके अंतर्गत बल सीमा सुरक्षा के साथ समाज के सर्वांगीण विकास एवं जागरूकता के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है।

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