कुलपति संगीता श्रीवास्तव का कार्यकाल बढ़ा, चयन प्रक्रिया अटकने पर राष्ट्रपति ने दिया विस्तार

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बड़ा फैसला
PRAYAGRAJ NEWS: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव सामने आया है। निर्धारित कार्यकाल समाप्त होने से ठीक पहले कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव को पद पर बने रहने की अनुमति दे दी गई है। राष्ट्रपति के आदेश के बाद शिक्षा मंत्रालय ने बुधवार को विश्वविद्यालय को आधिकारिक पत्र भेजते हुए स्पष्ट किया कि प्रो. संगीता अगले आदेश तक कुलपति के रूप में कार्य करती रहेंगी। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति पद का पाँच वर्षीय कार्यकाल 29 नवंबर को समाप्त होने जा रहा था। इसी बीच विश्वविद्यालय में नए कुलपति की नियुक्ति को लेकर चयन प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। शिक्षा मंत्रालय ने सर्च कमेटी का गठन कर दिया है और विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ प्रोफेसरों ने इस प्रतिष्ठित पद के लिए आवेदन भी किया है। हालांकि, चयन प्रक्रिया के कई चरणों में समय लगने और औपचारिकताओं के पूरा होने में देरी की आशंका के चलते मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से वर्तमान कुलपति के कार्यकाल विस्तार को मंजूरी दी है। वरिष्ठ प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, नए कुलपति की नियुक्ति में अभी कुछ और सप्ताह लग सकते हैं।विश्वविद्यालय की पीआरओ प्रो. जया कपूर ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति के आदेश पर शिक्षा मंत्रालय ने कार्यकाल विस्तार संबंधी पत्र जारी किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। इस निर्णय के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आगामी दिनों में होने वाले शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी। साथ ही नए कुलपति की नियुक्ति को लेकर भी कैंपस में चर्चा तेज हो गई है।

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