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दैनिक औसत में प्रदेश में प्रथम स्थान, 4 लाख+ फार्मर रजिस्ट्री वाले जिलों में लखीमपुर खीरी टॉप-5 में शामिल
LAKHIMPUR KHERI NEWS: किसानों के दस्तावेजों को डिजिटल पहचान देने और सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने के लिए चलाए जा रहे फार्मर रजिस्ट्री अभियान में लखीमपुर खीरी ने इस बार शानदार प्रदर्शन किया है। प्रदेश में 4 लाख से अधिक फार्मर रजिस्ट्री करने वाले शीर्ष जनपदों में खीरी टॉप-5 में पहुंच गया है। 15 अक्टूबर से लगातार जिले का दैनिक औसत 2233 फार्मर आईडी, जो प्रदेश में सर्वाधिक है, शासन स्तर पर विशेष सराहना का विषय बना हुआ है।
अटल सभागार में शुक्रवार को आयोजित सम्मान समारोह में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल, सीडीओ अभिषेक कुमार और एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने तहसील स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषि विभाग के तीन-तीन कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। समारोह के दौरान सम्मानित 21 कार्मिकों ने अभियान से जुड़े अपने अनुभव, चुनौतियाँ और ग्रामीणों की सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ भी साझा कीं।
सम्मान समारोह में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि प्रदेश में 04 लाख से अधिक फार्मर रजिस्ट्री करने वाले शीर्ष जनपदों में लखीमपुर खीरी का प्रदेश में टॉप 5 पर पहुँचना और सबसे अधिक दैनिक औसत 2233 फार्मर आईडी बनाना टीम की उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है। उन्होंने कृषि विभाग, तहसील स्तर की टीमों और क्षेत्रीय कार्मिकों की सराहना करते हुए कहा कि गाँव-गाँव जाकर किसानों के दस्तावेज जुटाना आसान नहीं था, लेकिन आप सभी ने इसे मिशन की तरह पूरा किया। यही प्रयास जिले को प्रदेश के शीर्ष जनपदों में लाया है। उन्होंने कृषि विभाग के कार्मिकों को बधाई देते हुए आगे भी इसी ऊर्जा के साथ अभियान जारी रखने की अपील की। सीडीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों तक योजना लाभ पहुँचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। लखीमपुर खीरी की यह उपलब्धि बताती है कि हमारी टीम जमीनी स्तर पर कितनी सक्रियता से काम कर रही है। एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि कृषि विभाग के कार्मिकों ने गांव-गांव पहुंचकर किसानों का भरोसा जीता है। यही कारण है कि लखीमपुर खीरी पूरे प्रदेश में शीर्ष प्रदर्शन करने वालों में शामिल है।
कार्यक्रम के दौरान डीडी (कृषि) गिरीश चंद्र और जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने अभियान की प्रगति, विभाग की रणनीति और किसानों को मिलने वाले लाभों पर विस्तृत जानकारी साझा की। समारोह में कृषि विभाग के अधिकारियों व कार्मिकों ने अभियान को और अधिक गति देने का संकल्प दोहराया।
अगले माह और भी कार्मिक होंगे सम्मानित
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने घोषणा की है कि अगले एक माह में सर्वाधिक फार्मर रजिस्ट्री करने वाले कार्मिकों को विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा। इससे विभाग में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और कार्य की गति में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।
इन कार्मिकों का हुआ सम्मान
सम्मानित कार्मिकों में विभिन्न विकास खंडों के प्राविधिक सहायक, एटीएम और बीटीएम शामिल रहे। नकहा के अजीत वर्मा, फूलबेहड़ के प्रदीप वर्मा, सदर के अखिलेश कुमार, गोला के मोहम्मद अनीश ख़ान, बांकेगंज के कमलेश कुमार, बिजुआ के अरविंद कुमार, मितौली से संदीप कुमार और हरजेश सिंह, बेहजम के अनिल कुमार, पलिया के सुनील कुमार, अहमद अली और रोहित वर्मा, निघासन के जितेंद्र कुमार और दिलीप कुमार, रमियाबेहड़ के अनिल कुमार व योगेश कुमार, धौरहरा के रामसागर, ईसानगर के गुड्डू लाल, मोहम्मदी के सुशील कुमार यादव और नरेंद्र कुमार, जबकि पसगवां से अरविंद व रशीद अंसारी को सम्मानित किया गया।
यह है फार्मर रजिस्ट्री के बड़े लाभ
फार्मर रजिस्ट्री बनने से किसानों को अनेक सुविधाएं मिलती हैं। विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ बिना अतिरिक्त सत्यापन के सीधे उपलब्ध हो जाता है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पाद बेचने की प्रक्रिया सरल होती है और पंजीकरण संबंधी औपचारिकताओं का बोझ कम हो जाता है। फसल नुकसान की स्थिति में वास्तविक क्षति के आधार पर मुआवजा प्राप्त करना आसान हो जाता है। प्रत्येक कृषक को अपनी एक डिजिटल पहचान मिलती है, जिससे उसके अभिलेख सुरक्षित और सुव्यवस्थित रहते हैं। इसके साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि की किस्तें भी निर्बाध रूप से सीधे खाते में प्राप्त होती हैं, जिससे किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर और बिना किसी बाधा के मिल पाता है।