मैत्री योजना में लाखों का खेल! इटावा में बिना साक्षात्कार चयन

अधिकारियों पर पैसे लेकर सूची जारी करने के गंभीर आरोप

ETAWA NEWS: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मैत्री योजना में इटावा जिले से बड़ा घोटाला सामने आने की चर्चाएँ जोर पकड़ रही हैं। गुप्त सूत्रों के मुताबिक, पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने चयन प्रक्रिया में भारी अनियमितताएँ करते हुए बिना किसी साक्षात्कार के ही चयन सूची जारी कर दी। आरोप है कि पूरी प्रक्रिया को धन उगाही का माध्यम बनाते हुए चयनित अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली गई और उनके नाम सूची में डाल दिए गए।
प्रतीक्षा सूची में रखे गए कई अभ्यर्थियों ने खुलासा किया कि उन्हें न इंटरव्यू की सूचना मिली, न ही किसी प्रकार की औपचारिक प्रक्रिया कराई गई। इसके बावजूद चयन सूची जारी होने से अभ्यर्थियों में आक्रोश है। अभ्यर्थियों का सीधा आरोप है—
“साक्षात्कार हुआ ही नहीं, पूरी चयन प्रक्रिया पैसे पर आधारित है।”
जारी की गई विवादित सूची पर लघु सिंचाई विभाग, डीआरडीए, जिला कृषि अधिकारी, पशु चिकित्सा अधिकारी भरथना, ताखा, सैफई व बसरेहर सहित कई अधिकारियों के हस्ताक्षर मौजूद हैं। आरोपों की जद में तत्कालीन मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज गुप्ता का नाम भी तेजी से उभर रहा है।
अभ्यर्थियों ने पूरे प्रकरण को बड़ा भ्रष्टाचार बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि मैत्री योजना में फैले कथित खेल और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका का खुलासा हो सके।

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