रेउसा थाना के उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह बने महिला पत्रकार की जान के दुश्मन।

विपक्षी से लंबा पैसा लेने के बाद पीड़ित महिला पत्रकार के बारे में गलत सूचना देने व उसके निजी जीवन को बीच में लाकर उच्चाधिकारियों को कर रहा भ्रमित
LAKHIMPUR KHERI NEWS: 8 नवंबर 2025 को महिला पत्रकार द्वारा आईजीआरएस के माध्यम से उसके पति पर जानलेवा हमला होने के प्रकरण में शिकायत दर्ज कराई गई थी जिस प्रकरण की जांच सुरेंद्र सिंह कर रहे थे लगभग महीना भर होने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई महिला पत्रकार होने के बावजूद भी। आए दिन पीड़ित महिला पत्रकार फोन के माध्यम से सुरेंद्र सिंह से संपर्क करती की आरोपी को क्यों नहीं पकड़ा गया? अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई तो सुरेंद्र सिंह अलग-अलग बहाने बनाकर टाल देते रहे और इसके साथ ही उधर विपक्षी से मिलकर लंबा लेनदेन कर लिया तथा महिला पत्रकार को अपनी बातों में उलझाए रखा। सूत्रों के हवाले से यह भी ज्ञात हुआ कि सुरेंद्र सिंह हर प्रकरण में बिना पैसे लिए कोई कार्रवाई नहीं करते तथा महिलाओं के साथ भी उनका व्यवहार हमेशा अभद्र और अमानवीय ही होता है वह महिलाओं  से कहते हैं कि तुम्हारे दांत तोड़ देंगे जो दोबारा थाने में नजर आई तो । सुरेंद्र सिंह के बर्ताव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है जब महिला पत्रकार को इतना परेशान किया जा रहा है और उसके साथ इतनी अमानवीय भाषा का प्रयोग किया जा रहा है इतना ही नहीं उसके निजी जीवन को बीच में लाकर उच्च अधिकारियों को उसके खिलाफ भ्रमित किया जा रहा है तो आम औरतों के साथ सुरेंद्र सिंह का क्या सलूक रहता होगा। इसी प्रकरण में दिनांक 2 दिसंबर 2025 को सुरेंद्र सिंह महिला पत्रकार को फोन करके कहते हैं कि तुमको थाने में एसओ साहब कर बुला रहे हैं तो महिला का स्वास्थ्य ठीक ना होने के कारण महिला के पति थाने में जाते हैं जिसके चलते महिला पति के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है व महिला के निजी जीवन को बीच में लाकर टीका टिप्पणी करी जाती है तथा महिला के पति से पूछा जाता है कि वह तुम्हारी पत्नी है कि नहीं तुम्हारी शादी हुई है कि नहीं या तुम बिना शादी के रह रहे हो और तुम्हारी पत्नी आए दिन थाने आती है बार-बार होगा तो कोई कितना सुनेगा तुम्हारी पत्नी ने तमाशा बना रखा है। उप निरीक्षक सुरेंद्र सिंह द्वारा उच्च अधिकारियों को महिला पत्रकार के खिलाफ गलत जानकारी देकर इतना भड़का दिया जाता है तथा सच्चाई को उच्च अधिकारियों तक नहीं बताया जाता व प्रकरण की सही जानकारी उच्च अधिकारियों को नहीं दी जाती उनके संज्ञान में मामले की सही जानकारी नहीं दी जाती वह खुद विपक्षी से मोटा पैसा खाकर मामले को अपने हिसाब से रफा दफा करने का प्रयास सुरेंद्र सिंह करते हैं। यदि इसी प्रकार से पुलिस द्वारा महिलाओं को प्रताड़ना का शिकार होना पड़ेगा और मानसिक शोषण झेलना पड़ेगा वह भी जब बात एक महिला पत्रकार की हो जो पत्रकार होने के साथ-साथ समाज सेविका है और कई वर्षों से समाज के लिए कार्य कर रही है। पीड़ित महिला पत्रकार से चिढ़ जाने के कारण सुरेंद्र सिंह महिला पत्रकार या उसके पति को दोनो को किसी भी अन्य झूठे वाद विवाद मैं फंसा कर उन पर मुकदमा लिख सकता है अतः सुरेंद्र सिंह के खिलाफ जांच कर मामले की संगीता को देखते हुए सुरेंद्र सिंह पर उच्च अधिकारी और पुलिस प्रशासन कठोर कार्रवाई करें जिससे आगे किसी पीड़ित महिला को थाने जाने में दरिया दहशत महसूस ना हो और उसे अपमान और मानवीयता का सामना न करना पड़े।

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