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ऑल इंडिया स्माॅल एण्ड मीडियम न्यूजपेपर्स फेडरेशन नई दिल्ली के भारतीय प्रेस परिषद में नामित सदस्य,लोकतंत्र की मजबूत कड़ी-परवेज आलम
AISMNF के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व प्रेस कौंसिल सदस्य अशोक नवरत्न ने AISMNF के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरिंदर सिंह, सुधीर कुमार पांडा, अरुण त्रिपाठी, सुश्री आरती त्रिपाठी, ब्रज मोहन शर्मा, एमवी श्रेयम्स कुमार को भारतीय प्रेस परिषद का सदस्य बनाये जाने पर हार्दिक बधाई, देते हुए कहा कि पीसीआई में ऑल इंडिया स्माॅल एण्ड मीडियम न्यूजपेपर्स फेडरेशन नई दिल्ली की मौजूदगी यह भी सुनिश्चित करती है कि छोटे मझोले अखबारों के अधिकार और स्वतंत्रता सुरक्षित रहेगी। पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए ठोस सिफारिशें की जाएंगी।
AISMNF के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शोएब अहमद ने राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरिंदर सिंह, सुधीर कुमार पांडा, अरुण त्रिपाठी, सुश्री आरती त्रिपाठी सहित सभी को बधाई, शुभकामनाएं दी और कहा कि अब शासन, प्रशासन के बीच निश्चित तौर पर स्माॅल एण्ड मीडियम न्यूजपेपर्स की आवाज बुलन्द होगी। उन्होने कहा कि जल्द राजधानी में एक सम्मान समारोह में नामित सदस्यों को ऑल इंडिया स्माॅल एण्ड मीडियम न्यूजपेपर्स फेडरेशन सम्मानित करेगी।
AISMNF के उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष परवेज आलम ने राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरिंदर सिंह सहित सभी नामित पीसीआई सदस्यों को मुबारकबाद दी और कहा कि भारतीय प्रेस परिषद लोकतंत्र की मजबूत कड़ी है, जो विधायिका,न्यायपालिका और कार्यपालिका की आधारशिला है।
परवेज आलम, प्रातःकाल एक्सप्रेस
लखनऊ ब्यूरो। भारतीय लोकतंत्र के चैथे स्तंभ “पत्रकारिता” को सशक्त और उत्तरदायी बनाए रखने में भारतीय प्रेस परिषद ( Press Council of India ) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। यह एक ऐसी संवैधानिक-नैतिक संस्था है, जो प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करने के साथ-साथ, उसकी मर्यादा और जवाबदेही सुनिश्चित करती है। इसी प्रतिष्ठित संस्था में जब ऑल इंडिया स्माॅल एण्ड मीडियम न्यूजपेपर्स फेडरेशन नई दिल्ली ( AISMNF ) के पदाधिकारियों व सदस्यों का नामांकन होता है, तो यह केवल संगठन का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्रीय और लघु-मध्यम समाचार पत्रों के जगत का गौरव बढ़ाता है।
गौरतलब हो कि मीडियम और स्माल न्यूजपेपर्स आज भी भारत के ग्रामीण, कस्बाई और दूरस्थ क्षेत्रों की असली आवाज हैं।
बड़े मीडिया हाउस जहाँ अक्सर शहरी मुद्दों तक सीमित रह जाते हैं, वहीं ये छोटे और मध्यम समाचार पत्र गांव, खेत, मजदूर, किसान, बेरोजगार युवा, शिक्षा और स्थानीय प्रशासन की सच्चाइयों को देश के सामने लाते हैं। ऐसे में फेडरेशन के नामित सदस्य जब प्रेस परिषद के मंच पर बैठते हैं, तो वे करोड़ों आम नागरिकों की आवाज, समस्याओं और संघर्षों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
इन सदस्यों का सबसे बड़ा योगदान यह है कि वे पत्रकारिता की जड़ों से जुड़े हुए हैं।
उन्हें जमीनी हकीकत का अच्छा अनुभव होता है। वे जानते हैं कि सीमित संसाधनों में काम कर रहा एक ग्रामीण पत्रकार किन चुनौतियों से गुजरता है, और सच्ची खबर जनता तक पहुँचाने के लिए उसे किन-किन संघर्षों का सामना करना पड़ता है। यही व्यावहारिक अनुभव प्रेस परिषद की नीतियों को अधिक जनोन्मुख और व्यवहारिक बनाता है।