कर्म योग विज्ञान पर व्याख्यान आर्य कन्या इंटर कॉलेज में आज

PRAYAGRAJ NEWS: सनातन एकता मिशन के राष्टीय अध्यक्ष  अशोक कुमार पाठक  श्रीमद्भगवद गीता  के कर्म योग विज्ञान पर व्याख्यान मंगलवार को दोपहर 12 बजे आर्य कन्या इण्टर कालेज मे होगा। उन्होंने कहा कि योगः कर्मसु कौशलम अर्थात कर्म की कुशलता ही योग है। कर्म, अकर्म, विकर्म की व्याख्या करते हुए उन्होने बताया कि जो मनुष्य के द्वारा किये जाने योग्य है वह कर्म हैं जो कि किये जाने चाहिए। अकर्म निषिद्ध कर्म हैं जो कि नहीं किये जाने चाहिए और विकर्म विहित कर्म के विरुद्ध कर्म हैं। व्यक्ति को पता होना चाहिए कि क्या करने योग्य है, क्या नहीं करना चाहिए तथा कर्म को किस विधि से करना चाहिए। गीता के चैथे अध्याय के सोलहवें लोक में कहा गया है कि कर्मणो ह्यपि बोधव्यं, बोधव्यं च कि विकर्मणः। अकर्मणश्च वोधव्यं गहना कर्मणो गतिः स उन्होने कहा कि युवाओं के बौद्धिक, सामाजिक व चारित्रिक विकास के बिना उत्तम राष्ट्र का निर्माण नहीं हो सकता स राष्ट्र निर्माण अभियान में गीता का कर्म विज्ञान उत्तम मार्गदर्शन करता है। गुरु महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि गुरु को ब्रह्मा, विष्णु, महेश से भी अधिक और प्रथम पूज्य कहा गया है क्योंकि सृष्टि और विनाश गुरु के अंदर पलते हैं स शिक्षक कर्मचारी या सरकारी नौकर नहीं होता स समाज और राष्ट्र निर्माण का दायित्व गुरु के कन्धों पर ही होता है स उन्होंने कहा कि गीता से शिक्षको को मार्ग दर्शन लेना चाहिए, और राष्ट्र निर्माण अभियान को शक्ति प्रदान करते हुए भारत को विश्व नेतृत्व के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करनी चाहिए। भारत सरकार के कार्यक्रम मिशन कर्मयोगी का भी यही उद्देश्य है स इस दौरान विधालय के प्रबंधक पंकज जायसवाल, प्रधानाचार्या, शिक्षिकाएं, छात्राएं व्याख्यान मे शामिल होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *