पलिया में नशेड़ी, शराबियों व अपराधियों का बोलबाला, पूर्व थाना प्रभारी की उठ रही मांग

LAKHIMPUR KHERI NEWS: विधानसभा 137 क्षेत्र के पलिया मे नशा व नशेड़ियों का जमकर उत्पात देखा जा रहा है कहने को तो चौकी चौराहे पर गस्त होती है मगर इसका जीता जागता उदाहरण देखना है तो शाम सात बजे से रात ग्यारह बजे तक किस तरह से चौकी के सामने कबाब शराब के नशे मे चूर नशेड़ी इस कदर उत्पात मचाते हैं कि इनके डर से चौकी पर तैनात सिपाही भी देखकर गायब हो जाते हैं। यह कोई एक दिन का तमाशा नहीं हर रोज का धंधा बन चुका है कई बार शराब पीने पिलाने को लेकर मार-पीट तक बात पहुंच जाती पास बने चौकी पर दर्जनों बार शिकायत के बाद भी न तो शराबियों पर कार्रवाई होती और मजे की बात अगर कोई मना करता शराब पीने के लिए तो कोई शराबी सरकारी नौकरी का हवाला दे देता तो कोई अपने पद की गरीमा दिखाकर डराता धमकाता है। यही वजह है कि यहां पुलिस भी इन शराबियों और शरारतियों के आगे घुटने टेक देती है। थाना प्रभारी की उठ रही नगर में मांग पूर्व में रहे थाना प्रभारी सैयद मोहम्मद अब्बास व विवेक उपाध्याय ने शराबियों और शरारतियों पर कडी कार्रवाई करते हुए पूर्ण रोकथाम लगाई थी लेकिन स्थानान्तरण होने के बाद से फिर नगर में अशांति फैली हुई है जल्द ही ऐसे थाना प्रभारी की नियुक्ति की जाए जिससे क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम हो सके।
नवागत क्षेत्राधिकारी आने के बाद भी नगर में फैली अशान्ति
नगर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानांतरण करने की कार्रवाई शासन प्रशासन द्वारा बड़े स्तर पर की गई थी। नवागत क्षेत्राधिकारी पलिया के आने के बाद लगा की अब कुछ मजनुओं पर कार्रवाई करते हुए शांति व्यवस्था लाई जाएगी लेकिन नवागत पुलिस अधिकारी आने के बाद भी सड़कों पर शराबियों और नशेड़ियों में न तो पुलिस का डर दिखाई दिया और न ही इस पर अभी तक कोई लगाम लग सका।
पुलिस की गस्त पर सवाल खड़े
पलिया पुलिस हर रोज सड़कों पर हो रही गस्त की फोटो डालकर नगर में चाक चौबंद दिखा रही लेकिन खुद चौकी के नाक के नीचे जो शराबियों द्वारा हुड़दंग चल रहा है उस पर न तो पुलिस की नजर पड़ रही और न ही किसी को पुलिस के गस्त का डर दिखाई दे रहा है।
सड़कों पर खुले रही बोतल और हो रहा हल्ला तेज धमाके के साथ दग रहे पटाखे भी नियम कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। ‌
सरकारी नौकरी का रौब, पद का दुरुपयोग
सरकारी नौकरी की ख़ुमारी में डूबें कुछ लोगों का अड्डा चौकी चौराहा बन गया न तो नौकरी की फिकर न ही किसी इज्जत का डर है अगर बात करे पद की तो सम्मानित पदों पर बैठे लोग जरा सी चुस्की के लिए बनाए नियम कानून की इस कदर धज्जियां उड़ाई जा रही है यह  देखना है तो शाम ढलते ही चौकी पलिया के सामने आ जाईए पता चल जाएगा कि कौन कितने बड़े पद पर और कौन सरकारी नौकरी करते हुए जाम छलका रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *