शिक्षा तभी सार्थक होती है जब उसमें मानवता व संविधान दोनों की आत्मा संलग्न हो: डायट प्राचार्य

KAUSHAMBI NEWS: डायट मंझनपुर में “मानवीय व  संवैधानिक मूल्यों पर आधारित शिक्षक-प्रशिक्षण” कार्यक्रम के द्वितीय बैच का प्रशिक्षण डायट प्राचार्य निधि शुक्ला के निर्देशन में शुक्रवार को संपन्न हो गया। प्रशिक्षण के संचालन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा का भी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जो पूरे कार्यक्रम का एक सशक्त आधार बना। तीन दिवसीय प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य—विद्यालयी कक्षाओं में मूल्य-आधारित, सहभागितापूर्ण और  अनुभवात्मक शिक्षण पद्धतियों को सुदृढ़ करने के लिए दिया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय तथा माध्यमिक विद्यालय  के विद्यार्थियों में मानवीय, सामाजिक व  संवैधानिक मूल्यों का सहज व  व्यवहारिक समावेश सुनिश्चित करना है। प्रशिक्षण में जनपद  के  उच्च प्राथमिक विद्यालयों व माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। संदर्भदाताओं ने प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी, जीवंत और सहभागितापूर्ण बनाने के लिए  विविध गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें—नाटक, रोल-प्ले, वाद-विवाद, समूह-चर्चा व  गीतों  पर आधारितअभ्यास, सुनना-बोलना-पढ़ना-लिखना कौशल के एकीकृत विकास के लिए  हैंड्स-ऑन गतिविधियां, क्लब गतिविधियां, परियोजना कार्य, सह-शैक्षिक उपक्रम, सहकर्मी-प्रतिक्रिया आधारित शिक्षण पद्धति शामिल रही।इन सभी गतिविधियों ने सहयोग, जिम्मेदारी, अनुशासन, समतामूलक व्यवहार और संवैधानिक आदर्शों के व्यावहारिक प्रयोग को सशक्त बनाया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी शिक्षकों ने—मूल्य-समावेशी पाठ-योजनाएं,फॉर्मेटिव मूल्यांकन उपकरण, कक्षा-स्तरीय नवाचार तैयार किए, जिन्हें विद्यालयों में तत्काल लागू करने का निर्णय लिया गया।इससे कक्षा-शिक्षण अधिक सहभागितापूर्ण, समावेशी, संवादपरक और मूल्य-संपन्न बनने की अपेक्षा है। विद्यालयी वातावरण में मानवीय व  संवैधानिक मूल्यों का संवर्धन भी सुनिश्चित होगा। डायट प्राचार्य  ने प्रशिक्षण की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा—जब शिक्षक स्वयं संवेदनशीलता, सहयोग, समता और दायित्वबोध का व्यवहार प्रस्तुत करते हैं, तभी विद्यार्थी भी इन्हीं मूल्यों को जीवन में अपनाते हैं। शिक्षा तभी सार्थक होती है जब उसमें मानवता और संविधान दोनों की आत्मा संलग्न हो।”उन्होंने सभी प्रतिभागी शिक्षकों के सक्रिय सहभाग, रचनात्मक प्रस्तुतियों और नवाचारों की सराहना की। डायट कौशांबी के स्टाफ, संसाधन व्यक्तियों व सहयोगी टीम की प्रतिबद्धता अतुलनीय रही। नोडल अधिकारी शबीह मुश्तफा और डॉ. दिनेश कुमार यादव ने अपने प्रभावी समन्वय, योजनाबद्ध संचालन और सतत मार्गदर्शन से कार्यक्रम को लक्ष्य के अनुरूप सफल बनाया।संस्थान ने भविष्य में सतत फॉलो-अप, विद्यालय-स्तरीय क्रियान्वयन, और निरंतर मूल्य-आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने की घोषणा की। अंत में डायट प्राचार्य ने सभी प्रतिभागी शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भी प्रदान किया।

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