Physical Address
Pratahkal Express Newspaper
79A-Moti Lal Nehru Road Prayagraj
Opp Women’s Hostel Allahabad University
BALRAMPUR NEWS: कमाल खान(ब्यूरो प्रमुख) जूड़ीकुयां स्थित आरोग्य पैथालॉजी सेन्टर और गनेशपुर स्थित यूनिक पैथालॉजी सेंटर का सीएचसी अधीक्षक विजय कुमार द्वारा जाँच किया गया तो कोई जाँच उपकरण नहीं पाया गया और न ही रजिस्ट्रेशन का कागज दिखा पाए।अधीक्षक द्वारा उक्त दोनों सेन्टर को निर्देशित किया गया कि रजिस्ट्रेशन के उपरान्त ही सेन्टर को संचालित किया जाए अन्यथा सेन्टर को सील कर दिया जाएगा।ये सेन्टर वाले अंधेरे में तीर चलाते हैं।जाहिल जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। पैथालॉजी में गलत रिपोर्ट के मामले अक्सर आते रहते हैं।लखनऊ की चरक पैथोलॉजी में गलत रिपोर्ट देने का मामला सामने आया है जिसको दैनिक भास्कर द्वारा 11 नवम्बर 2025 को प्रकाशित किया गया। पेट का अल्ट्रासाउंड कराने गए 42 साल के प्रमोद मिश्रा को जांच में गाल ब्लेडर न होने की रिपोर्ट दी गई है। पीड़ित ने इसकी लखनऊ सीएमओ ऑफिस में की है।पीड़ित का कहना है कि उन्होंने कभी कोई ऑपरेशन ही नहीं करवाया है, तो गाल ब्लेडर कैसे नहीं है? उक्त सेन्टर द्वारा गलत रिपोर्ट दी गयी है। पैथालॉजी सेन्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। दूसरा मामला स्वस्तिक पैथालॉजी का है जिसको हिंदुस्तान अखबार द्वारा 2 दिसंबर 2025 को प्रकाशित किया गया। कोतवाली खुर्जा नगर क्षेत्र के मंदिर रोड स्थित स्वास्तिक पैथॉलीजी लैब पर गलत रिपोर्ट देने का आरोप लगा है। जिसको लेकर मरीज के परिजनों सहित अन्य लोगों ने हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। जहाजपुर गांव निवासी और भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिला उपाध्यक्ष अरविंद चौहान ने बताया कि उनके बेटे सनी को तीन दिन से बुखार हो रहा था। शनिवार को निजी चिकित्सक से परामर्श लिया।जिसमें चकित्सक ने उनको खून जांच कराने के लिए सलाह दी। इसके बाद उन्होंने एक दिसंबर को मंदिर मार्ग स्थित स्वास्तिक डायग्नोस्टिक सेंटर लैब में सनी की खून की जांच कराई।जहां की रिपोर्ट मरीज के अनुसार नहीं आई। रिपोर्ट के अनुसार सभी चिकित्सकों ने उपचार करने से मना करते हुए अच्छे चिकित्सक के पास ले जाने की सलाह दी। साथ ही हालत गंभीर बताई। जिसके बाद जहांगीरपुर स्थित एक पैथोलॉजी लैब में जांच कराई, तो रिपोर्ट सामान्य आई। इसके बाद उन्होंने राहत की सांस ली। बाद में सनी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया और उपचार शुरू किया गया। एक दिन में रिपोर्ट में इतना अंतर होना संभव नहीं था। इसको लेकर चिकित्सक ने स्वास्तिक लैब की रिपोर्ट को गलत बताया।को निजी अस्पताल में भर्ती कराया और उपचार शुरू किया गया। एक दिन में रिपोर्ट में इतना अंतर होना संभव नहीं था। इसको लेकर चिकित्सक ने स्वास्तिक लैब की रिपोर्ट को गलत बताया। रात को भारतीय किसान यूनियन चढूनी के गुस्साए पदाधिकारी मरीज के पिता के साथ स्वास्तिक सेंटर पर पहुंचे। जहां उन्होंने हंगामा करते हुए पुलिस को स्थिति से अवगत कराया।