Physical Address
Pratahkal Express Newspaper
79A-Moti Lal Nehru Road Prayagraj
Opp Women’s Hostel Allahabad University
SIDHARTHNAGAR NEWS: ओज़ैर खान (ब्यूरो प्रमुख) 11वें इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल 2025 में डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन की टीम ने अपनी प्रतिभा से सबका ध्यान खींचा। यह फेस्टिवल 6 से 9 दिसंबर तक पंचकूला, हरियाणा में ‘विज्ञान से समृद्ध भारत’ विषय पर आयोजित हुआ। पूर्वांचल के मेघावी बच्चों ने इस अवसर पर फाउंडेशन के साथ मिलकर अपनी विज्ञान की समझ और नवाचार क्षमता का प्रदर्शन किया। फाउंडेशन के आदर्श मणि को लोग ‘रॉकेट स्टार’ कहकर उत्साहित करते रहे। 35 से अधिक टीमों ने हिस्सा लिया, जिसमें पूरे देश के प्रतिभागियों ने अंतरिक्ष विज्ञान, रॉकेट मॉडलिंग और हाइड्रो रॉकेट लॉन्चिंग जैसी तकनीकों के बारे में जानकारी साझा की। डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन की टीम ने वी.आर. तकनीक आधारित उपकरणों के माध्यम से चांद, तारों और तारामंडलों का परिचय कराया। इसके अलावा 180 डिग्री के ऑटोमेटिक रॉकेट लॉन्चर मॉडल और एआई आधारित रॉकेट सिस्टम का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे बॉर्डर सुरक्षा में उपयोगी बताया गया।फेस्टिवल में शामिल वैज्ञानिकों और इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने टीम को प्रोत्साहित किया और कहा कि ऐसे फाउंडेशन भविष्य के वैज्ञानिकों को तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं। फाउंडेशन की फाउंडर प्रिया यादव ने बताया कि यह संस्था मेघावी बच्चों की प्रतिभा को पहचान कर उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान की अग्रिम पंक्ति में लाने का प्रयास कर रही है। डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन के मेंटर खगोलविद अमर पाल सिंह ने कहा, ‘सही ज्ञान ही समस्याओं का समाधान है और यही विज्ञान की ताकत है।’ आयोजन में फाउंडेशन को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। सिद्धार्थनगर जिला समन्वयक राज नारायण, डॉ. जितेंद्र सिंह, राहुल व्यास, आदर्श मणि त्रिपाठी, तनु उपाध्याय, अंजली व गोरखपुर से अवनीश पाठक, आदित्य, अंशिका और उत्कर्ष सहित कई प्रतिभागियों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया।
विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से मिला नया उत्साह
डे एंड नाईट स्पेस फाउंडेशन के साथ डॉ. चंद्रमौली, डॉ. दिलीप भट्ट (इसरो), डॉ. जयंत जोशी (इसरो), प्रो. मोहरलाल सोलंकी, डॉ. शोभित श्रीवास्तव, डॉ. राजेश ठाकुर और गणित व रोबोटिक्स विशेषज्ञों की टीम ने संस्था की इस सफलता पर बधाई दी। सभी ने कहा कि फाउंडेशन लगातार छोटे-छोटे प्रयासों से विद्यार्थियों और आम लोगों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की अलख जगा रहा है।