प्रतापगढ़ में भी मिला औरामाइन सिन्थेटिक कलर से रंगा भुना चना, 3 नमूने संग्रहीत

PRATAPGARH NEWS: बाजार में बिक रहे भुने चने का उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। क्योंकि भुने चने को अच्छा दिखाने के लिए औरामाइन सिन्थेटिक कलर का उपयोग किया जा रहा है जो स्वास्थ्य के लिए घातक है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश भर में दुकानों की जांच की जा रही है। प्रतापगढ़ में भी औरामाइन सिन्थेटिक कलर से रंगा भुना चना पाया गया। जांच टीम ने 3 नमूने संग्रहीत कर जांच के लिए भेजा है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उप्र लखनऊ के आदेश के अनुपालन में भुना हुआ चना में औरामाइन सिन्थेटिक कलर का उपयोग खाद्य पदार्थ में किये जाने की रोकथाम के लिए 15-16 दिसंबर को विशेष अभियान चलाया गया। इसके अन्तर्गत बाजार में विक्रय किये जा रहे भुना हुआ चना के थोक/निर्माण इकाई के प्रतिष्ठानों पर विशेष जांच की गयी। यह जांच सहायक आयुक्त (खाद्य) ग्रेड-।। अभय कुमार सिंह के निर्देशन एवं नेतृत्व में की गयी। खाद्य सचल दल ने प्रतापगढ़ के विभिन्न बाजारों में स्थित भुना चने के थोक/निर्माण इकाई के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान औरामाइन सिन्थेटिक कलर का उपयोग किये हुये खाद्य पदार्थ भुना हुआ चना का 3 नमूना संग्रहित किया गया। इन नमूनों का विशलेषण हेतु खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला को प्रेषित किये गये। खाद्य सचल दल द्वारा चिलबिला स्थित प्रखर इण्टर प्राइजेज खाद्य प्रतिष्ठान से भुना चना (ब्राण्ड-कस्तूरी के मूल पैक्ड) का एक नमूना, चौक घंटाघर स्थित मेसर्स-ओजस्वा ट्रेडर्स खाद्य प्रतिष्ठान से भुना चना (ब्राण्ड-बाहुबली के मूल पैक्ड) का एक नमूना व चौक घंटाघर स्थित मेसर्स-ओम प्रकाश गुप्ता एण्ड कम्पनी के खाद्य प्रतिष्ठान भुना चना (खुल्ला) का एक नमूना संग्रहित किया गया। खाद्य सचल दल में रोशन सिंह, संतोष कुमार दूबे, यादव संजय कुमार नन्हकू, शहाब उद्दीन सिद्दीकी खाद्य सुरक्षा अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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