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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की सतर्कता समिति बैठक में जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश
JALAUN NEWS: जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें मिलावटखोरी एवं अवैध औषधि कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. जतिन कुमार सिंह ने जानकारी दी कि शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद में चलाए गए विशेष अभियानों के तहत मिलावटखोरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई है। माननीय न्यायालय द्वारा दोषी खाद्य कारोबारकर्ताओं पर 31,42,500 रुपये (इक्तीस लाख बयालीस हजार पांच सौ रुपये) का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 315 खाद्य नमूने लिए गए, जिनमें 68 नमूने मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। इस संबंध में 66 वाद माननीय न्यायालय में दायर किए गए, जिनमें से 46 मामलों में दोषियों को दण्डित किया गया। दूध में मिलावट के दो मामलों में माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा अभियुक्तों को छह-छह माह का कारावास एवं एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद में मिलावटी खाद्य पदार्थों का विक्रय करने वाले प्रतिष्ठानों का संघन निरीक्षण करते हुए नियमित रूप से नमूना संग्रहण किया जाए। बाजार में बिक रही सब्जियों, फलों एवं दूध की निरंतर जांच सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार के रसायनों के प्रयोग पर कड़ी नजर रखी जाए। उन्होंने खोया, दाल व बेसन पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। बैठक में औषधि निरीक्षक ने बताया कि अल्ट्राफाइन केमिकल्स, उरई द्वारा 22,000 कोडीन कफ सिरप की बोतलों की हेराफेरी के मामले में एफआईआर दर्ज कर ड्रग लाइसेंस निरस्त किया गया है। जिलाधिकारी ने इस प्रकार की कार्रवाई को निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि थोक व फुटकर दवा विक्रेताओं पर सतत निगरानी रखी जाए तथा सभी मेडिकल स्टोर्स पर कंप्यूटरीकृत बिल वाउचर अनिवार्य रूप से दिए जाएं। साथ ही अधिरोपित जुर्माने की बकाया वसूली एवं माननीय न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण हेतु प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचंद मौर्य, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेंद्र भिटौरिया, अभिहित अधिकारी, औषधि निरीक्षक, व्यापार मंडल के प्रतिनिधि एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।