समान कार्य का समान वेतन और पुरानी पेंशन बहाली की मांग, विधान परिषद में गरजे डॉ. मानसिंह यादव

कंपोजिट स्कूल से बढ़ेगी बेरोजगारी, शराब की दुकान तक ही सीमित रखे: डॉ मानसिंह यादव
KAUSHAMBI NEWS: उत्तर प्रदेश विधान परिषद में समाजवादी पार्टी के सदस्य डॉ. मानसिंह यादव ने शिक्षा से जुड़े अहम मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी, शिक्षामित्रों की दुर्दशा, कंपोजिट विद्यालय व्यवस्था और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया।डॉ. यादव ने सदन को बताया कि प्रदेश में प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों में लगभग 1 लाख 20 हजार पद रिक्त हैं, जबकि माध्यमिक शिक्षा में करीब 20हजार पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर रिक्त पद होने के बावजूद सरकार गंभीर नहीं है।उन्होंने कंपोजिट विद्यालयों का विरोध करते हुए कहा कि इससे बेरोजगारी बढ़ेगी और शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होगी। तंज कसते हुए कहा, “कंपोजिट विद्यालय नहीं होने चाहिए, हां कंपोजिट शराब की दुकान हो सकती है, लेकिन विद्यालय नहीं।” शिक्षामित्रों के मुद्दे पर भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि समान कार्य के बावजूद समान वेतन न मिलने के कारण शिक्षामित्र मानसिक तनाव में हैं और आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं। अगर समय रहते समान कार्य का समान वेतन लागू किया गया होता, तो यह स्थिति नहीं आती।डॉ. मानसिंह यादव ने कहा किशिक्षामित्र गांव के सबसे पढ़े-लिखे, टॉपर युवा होते थे। सरकार ने उन्हें शिक्षक की जिम्मेदारी तो दी, लेकिन अधिकार और वेतन नहीं दिया।उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कमलेश तिवारी, सूर्य प्रकाश सिंह और रामबाबू कनौजिया जैसे हजारों शिक्षामित्रों की मौत सरकार की नाकामी का परिणाम है। उन्होंने 69 हजार शिक्षक भर्ती  का मुद्दा उठाया आगे कहा कि 2018 से शिक्षकों के प्रदेश में  भर्ती नहीं हुई है राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिस तरह फर्जी एनकाउंटर करने वालों को सम्मान और पद दिए जा रहे हैं, वह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।डॉ. यादव ने डॉ. भीमराव अंबेडकर का कथन दोहराते हुए कहा,
“शिक्षा शेरनी का वह दूध है,जिसको जो जितना पिएगा वह उतना ही दहाड़ेगा।”उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्र तभी विकसित हो सकता है, जब वहां के नागरिक शिक्षित होंगे उक्त आशय की जानकारी विधायक प्रतिनिधि रईस अहमद ने दी

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