शिक्षक का तकनीकी रूप में दक्ष होना आवश्यक: डायट प्राचार्य

KAUSHAMBI NEWS: समग्र शिक्षा कार्यक्रम व निपुण भारत अभियान के अंतर्गत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान मंझनपुर की अगुवाई  में स्मार्ट कक्षा संचालन व आईसीटी के प्रभावी प्रयोग विषय पर 23 व 24 दिसंबर को  बीआरसी मंझनपुर में द्विदिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण का शुभारंभ मंगलवार को किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डायट प्राचार्य निधि शुक्ला ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ किया। अपने  संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षक का तकनीकी रूप से दक्ष होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि स्मार्ट कक्षाएँ विद्यार्थियों के सीखने को अधिक जीवंत, सहभागी एवं प्रभावी बनाती हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शैक्षिक तकनीकों से सशक्त करते हुए कक्षा-कक्ष में डिजिटल नवाचार,संवादपरक शिक्षण एवं अधिगम-केंद्रित वातावरण का विकास करना रहा। कार्यक्रम के संदर्भदाता डॉ. ओम प्रकाश सिंह ने आईसीटी आधारित शिक्षण की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए इसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक सशक्त माध्यम बताया। प्रशिक्षण के आयोजन में डॉ. संदीप तिवारी का सराहनीय सहयोग रहा  जिनके मार्गदर्शन से कार्यक्रम को प्रभावी दिशा मिली। प्रशिक्षण सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने तकनीकी पक्षों को सरल व  व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया। अजय कुमार ने हार्डवेयर संबंधी तकनीकी जानकारी, सुधीर सिंह ने सॉफ्टवेयर के शैक्षिक उपयोग और शुभम सिंह ने  प्रायोगिक सत्रों के माध्यम से स्मार्ट कक्षा संचालन का प्रत्यक्ष अभ्यास कराया । इस प्रशिक्षण में ब्लॉक कड़ा व  ब्लॉक कौशांबी के प्रतिभागी शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की। स्मार्ट बोर्ड, डिजिटल कंटेंट, शैक्षिक ऐप्स व आईसीटी आधारित शिक्षण विधियों के अभ्यास से शिक्षकों की तकनीकी दक्षता व आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को समय-सापेक्ष, अत्यंत उपयोगी व नवाचारी शिक्षण को प्रोत्साहित करने वाला बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता की अपेक्षा व्यक्त की।

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