महिला सम्मान की रक्षा में सपा महिला सभा ने कलेक्ट्रेट में भरी हुंकार, नीतीश कुमार के कृत्य और संजय निषाद के रुख पर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

LAKHIMPUR KHERI NEWS: जनपद लखीमपुर खीरी में आज समाजवादी पार्टी महिला सभा की कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर नारी शक्ति के सम्मान में आवाज उठाई।मामला बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा महिलाओं के प्रति किए गए अमर्यादित कृत्य और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद द्वारा उस कृत्य के समर्थन के विरोध का है।समाजवादी पार्टी महिला सभा की दर्जनों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।इस दौरान महिलाओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे राजनीति के गिरते स्तर और महिलाओं के अपमान को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगी।विवाद की पृष्ठभूमि: अपमानजनक टिप्पणी और समर्थन का विरोध हाल के दिनों में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा महिलाओं को लेकर की गई टिप्पणियों ने पूरे देश में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। समाजवादी पार्टी का आरोप है कि नीतीश कुमार ने संवैधानिक पद की गरिमा को दरकिनार करते हुए महिलाओं के प्रति अत्यंत अपमानजनक भाषा और व्यवहार का परिचय दिया है। आक्रोश की ज्वाला लखीमपुर में तब और अधिक भड़क गई जब भाजपा सरकार के सहयोगी और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने इस कृत्य का विरोध करने के बजाय कथित तौर पर इसका समर्थन किया।सपा महिला सभा ने इसे भाजपा और उनके सहयोगियों की दोहरी मानसिकता करार दिया है। उनका कहना है कि जो सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा देती है, उसके मंत्री नारी का अपमान करने वालों के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।कलेक्ट्रेट में गूंजी नारेबाजी: “महिला सम्मान में, सपा मैदान में”मंगलवार को समाजवादी पार्टी महिला सभा की जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी की महिला विंग कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुई। हाथों में तख्तियां लेकर महिलाएं शांतिपूर्ण ढंग से लेकिन मुखर होकर अपना विरोध दर्ज कराने पहुंचीं। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि महिलाओं को केवल वोट बैंक न समझा जाए। उनकी गरिमा और सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वाले चाहे कितने ही बड़े पद पर क्यों न बैठे हों, उन्हें समाज कभी माफ नहीं करेगा।सपा नेत्रियों ने कहा, “नीतीश कुमार का कृत्य न केवल बिहार बल्कि पूरे देश की नारी शक्ति का अपमान है।उससे भी अधिक दुखद यह है कि उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद इस कृत्य का बचाव कर रहे हैं। यह उनकी संकुचित सोच को दर्शाता है।” बिना किसी हंगामे के सौंपा गया ज्ञापन आमतौर पर ऐसे विरोध प्रदर्शनों में उग्रता देखी जाती है, लेकिन सपा महिला सभा ने आज बेहद अनुशासित और गंभीर रुख अपनाया। कार्यकर्ताओं ने किसी का पुतला नहीं फूंका, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए ज्ञापन का सहारा लिया। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग की गई है कि महिलाओं के प्रति अभद्र टिप्पणी करने वालों और उनके समर्थकों पर संवैधानिक और नैतिक आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन में उठाए गए मुख्य बिंदु ज्ञापन में सपा महिला सभा ने राष्ट्रपति से मांग की है कि
नीतीश कुमार की निंदा: बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा किए गए कृत्य की आधिकारिक तौर पर निंदा की जाए और उन्हें अपनी भाषा पर संयम बरतने की चेतावनी दी जाए।
संजय निषाद पर कार्रवाई एक जिम्मेदार मंत्री होने के नाते महिलाओं के अपमान का समर्थन करना अनुचित है, अतः सरकार इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे और कार्रवाई करे।
महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा समाज में महिलाओं के प्रति बढ़ते भाषाई अपराधों को रोकने के लिए सख्त कानून और आचार संहिता बनाई जाए।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
लखीमपुर खीरी की राजनीति में सपा महिला सभा का यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिले में समाजवादी पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए सामाजिक और भावनात्मक मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है। महिला सम्मान एक ऐसा मुद्दा है जो सीधे तौर पर हर घर की महिला से जुड़ा है। ऐसे में नीतीश कुमार और संजय निषाद को घेरकर सपा ने भाजपा और उसके सहयोगियों की घेराबंदी तेज कर दी है।
सपा महिला सभा का संकल्प
प्रदर्शन के अंत में सपा कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे गाँव-गाँव और मोहल्ले-मोहल्ले जाकर महिलाओं को जागरूक करेंगी। उनका कहना है कि यदि सत्ता में बैठे लोग ही महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाएंगे, तो आम समाज में इसका गलत संदेश जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन नेताओं ने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी और सरकार ने मंत्री के बयान पर संज्ञान नहीं लिया, तो आने वाले समय में यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से पूरे जिले में चलाया जाएगा।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया ज्ञापन प्राप्त करने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे उचित माध्यम से शासन तक भेजने का आश्वासन दिया। कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल मौजूद रहा, लेकिन पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
निष्कर्ष सादगी और गंभीरता का संदेश लखीमपुर खीरी में आज का यह विरोध प्रदर्शन बिना किसी शोर-शराबे या पुतला दहन के संपन्न हुआ, लेकिन ज्ञापन के माध्यम से दी गई चेतावनी की गूँज काफी गहरी है। यह प्रदर्शन बताता है कि आने वाले समय में ‘महिला सम्मान’ उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक बड़ा और निर्णायक मुद्दा बनने जा रहा है।

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