“अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो…” पंक्ति पर झूमने लगे भक्त

कमता में हो रही एकादश श्रीमद् भागवत कथा
LUCKNOW NEWS: एकादश श्रीमद् भागवत कथा, कमता महोत्सव एवं 21 कुंडीय ज्ञान यज्ञ एवं भण्डारे का आयोजन 25 दिसम्बर तक कमता स्थित शंकरपुरी कालोनी में किया जा रहा है। इसमें महंत पंडित विनोदानंद शास्त्री जी महाराज ने बुधवार 24 दिसम्बर को संदेश दिया कि सच्चा प्रेम और भक्ति सभी बाधाओं को पार कर जाती है। आचार्य देवकीनंदन मिश्रा के संयोजन में हो रहे इस वार्षिक 11वें महा अनुष्ठान में आगंतुक सौभाग्यशाली भक्तों ने सरस भजनों का भी आनंद लिया। “अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो…” भजन पर सभी भक्त झूम उठे। इस कथा का आयोजन दोपहर 3 से रात आठ बजे तक किया जा रहा है। इसके माध्यम से स्वच्छ कमता के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस कथा का समापन गुरुवार 25 दिसम्बर को 21 कुंडीय ज्ञान यज्ञ, भंडारा, छोटे बच्चों के दीक्षा संस्कार, सत्संग, फूलों की होली और झांकी के साथ भव्य रूप में किया जाएगा। बुधवार को कथा का आरंभ मंत्रोच्चार से हुआ। उसके उपरांत आवाहन, षोडशोपचार पूजन, आरती, भजन कीर्तन किया गया। केन्द्रीय आकर्षण श्रीमद् भागवत कथा में महंत पंडित विनोदानंद शास्त्री महाराज ने रुक्मिणी विवाह के प्रसंग का वर्णन किया। इसके माध्यम से उन्होंने संदेश दिया कि सच्चा प्रेम और भक्ति सभी बाधाओं को पार कर जाती है। ईश्वर अंततः भक्तों की पुकार सुनते हैं। यह विवाह प्रसंग मानव और दैवीय प्रेम के मिलन का प्रतीक है। इसके साथ ही *सुदामा प्रसंग* की भी व्याख्या की गई। व्याख्या के अनुसार सुदामा प्रसंग का मुख्य संदेश सच्ची, निस्वार्थ मित्रता, आत्म-संतोष और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास है। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि सच्ची दोस्ती में अमीरी-गरीबी का भेद नहीं होता और ईश्वर हमेशा भक्त की पुकार सुनते हैं, भले ही वह कुछ मांगे नहीं। इसमें यह संदेश भी है कि प्रभु सच्चे मन से कर्म करने वालों को ही पुरस्कृत करते हैं।

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