मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एकीकृत बागवानी मिशन से बदली अमेठी के किसान की किस्मत

ड्रिप सिंचाई व मल्चिंग से स्ट्रॉबेरी की सफल खेती की मिसाल
0.5 हेक्टेयर में स्ट्रॉबेरी उत्पादन से 6 माह में 5 लाख का मुनाफा
AMETHI NEWS: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश भर के किसानों के लिए आधुनिक बागवानी और सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में अमेठी जिले के किसानों ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत स्ट्रॉबेरी की सफल खेती करके एक नया कीर्तिमान रचा है। जहां पहले धान-गेहूं जैसी परंपरागत फसलों पर निर्भर किसान संघर्ष कर रहे थे, वहीं अब आधुनिक तकनीकों से उच्च मूल्य वाली फसलें उगाकर वे लाखों की आमदनी कमा रहे हैं। जिले के प्रगतिशील किसान विकास खण्ड जगदीशपुर के ग्राम-बनभरिया के जगदेव प्रसाद पुत्र श्री सद्धू इस क्रांति के प्रमुख प्रतीक बन चुके हैं। यह उपलब्धि न केवल जगदेव प्रसाद के लिए, बल्कि पूरे अमेठी जिले के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।
80 क्विंटल स्ट्रॉबेरी का किया उत्पादन
जगदेव बताते हैं कि उद्यान विभाग के मार्गदर्शन और एकीकृत बागवानी मिशन के तहत मिले अनुदान ने उन्हें आधुनिक खेती अपनाने में मदद की। खासतौर पर प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत चलाई जा रही “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” योजना ने उनकी खेती को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग के सहयोग से 0.5 हेक्टेयर में स्ट्राबेरी की खेती के साथ ही “पर ड्राप मोर क्राप” माइक्रोइरीगेशन योजना से ड्रिप सिंचाई पद्धति की स्थापना करायी गयी। कृषक द्वारा परम्परागत खेती के स्थान पर ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग कर लगभग 80 क्विंटल स्ट्राबेरी का उत्पादन प्राप्त किया। फसल की बिक्री स्थानीय मण्डी में कर समस्त खर्चों की कटौती करते हुए मात्र 06 माह में रुपये 5.0 लाख का लाभ प्राप्त कर अन्य कृषकों के लिए प्रेरणा स्रोत बनें।इस योजना के तहत ड्रिप सिंचाई सिस्टम पर 80-90% तक सब्सिडी मिलने से पानी की बचत हुई और फसल की गुणवत्ता बढ़ी।
अन्य शहरों में भी स्ट्रॉबेरी की मांग
अमेठी में स्ट्रॉबेरी की मांग स्थानीय बाजारों के अलावा लखनऊ, प्रयागराज और अन्य शहरों में भी तेजी से बढ़ रही है। एक किलो अच्छी क्वालिटी की स्ट्रॉबेरी 150-250 रुपये तक बिक रही है, जिससे प्रति हेक्टेयर 8-12 लाख तक की कमाई संभव हो रही है।
अन्य किसान इसी राह पर चल पड़े
उद्यान विभाग के जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह के अनुसार, अमेठी में अब कई अन्य किसान भी इस राह पर चल पड़े हैं। सरकार की “आत्मनिर्भर किसान” की अवधारणा को साकार करते हुए यह प्रयोग साबित कर रहा है कि परंपरागत खेती से हटकर उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलें अपनाने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। जगदेव प्रसाद की सफलता अब अमेठी के सैकड़ों किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

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