भारत में रहने वाला हर व्यक्ति हिन्दू:नीरज

SONBHADRA NEWS: हिन्दू सम्मेलन जनपद के कई स्थानों पर हुये सकल हिंदू समाज के आयोजकत्व में सम्पन्न।विकासखंड करमा में मधुपुर न्याय पंचायत अंतर्गत पंचायत भवन मधुपुर के प्रांगण में  धनंजय शुक्ला, विकासखंड छप्पका के बढौली न्याय पंचायत के अंतर्गत  आर्यन एकेडमी गोडीहा में नीरज सिंह, विकासखंड चतरा के शिवपुर न्याय पंचायत अंतर्गत संकठा प्रसाद इंटर कॉलेज सिकरिया के प्रांगण में नंदलाल शुक्ला, विकासखंड नगवा के वैनी न्याय पंचायत अंतर्गत नगांव में संतोष चौबे के मुख्य आतिथ्य में सम्मेलन का हुआ आयोजन। सम्मेलन को संबोधित करते हुए क्रमशः वक्तागण ने कहा कि हिंदू सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सभी हिंदुओं का एकीकरण है। हिंदुओं को संगठित करना समय की मांग है। हिंदू सम्मेलन सही दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारे सामने चार लक्ष्य हैं, अर्थात् हिंदू धर्म, हिंदी धर्म, संस्कृति धर्म और राष्ट्र धर्म की रक्षा। ये हमारे चार मूल स्तंभ हैं। यदि हम हिंदू गौरव के इन चार स्तंभों की रक्षा के लिए संगठित हो जाते हैं, तो यह कहना निश्चिंत होगा कि हिंदुओं का हिंदुत्व सदा के लिए अप्रभावित रहेगा। हिंदू धर्म की वे प्रथाएं और परंपराएं जो समानता और न्याय के विरुद्ध हैं, उन्हें यथाशीघ्र समाप्त किया जाना चाहिए; ताकि समाज में आपसी सद्भाव और भाईचारा स्थापित हो सके। आइए हम पूरी मानवता को एक परिवार मानें और एक-दूसरे के सुख-दुख में भागीदार बनें। भारत से बाहर रहने वाला हिंदू समाज अपनी सामाजिक पहचान, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक प्रतिबद्धताओं के लिए हमेशा भारत से ही गतिशील मार्गदर्शन की अपेक्षा रखता है इस नाते भी भारत में हिंदू सम्मेलन आयोजित होना एक महत्वपूर्ण कड़ी है।एक के बाद एक वक्ताओं ने हिंदू संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और गौरव पर भावों से ओतप्रोत विशाल सम्मेलन के समक्ष अपने प्रेरणादायक और प्रेरक विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्रमशः संतोष कुमार,देवेंद्र साहनी तथा संचालन सत्येंद्र पाठक,नंदलाल विश्वकर्मा, नवनीत, अनिल सिंह ने किया। कार्यक्रमों में जिला संयोजक आलोक कुमार चतुर्वेदी, जिला सहसंयोजक राजीव मिश्रा, कामेश सिंह, सत्येंद्र पाठक, नारसिंह पटेल, नीरज जैन, पंकज कुमार, संकल्प कुमार, शेखर कुमार, सुषमा पांडे, पूनम देवी, संतोष, अशोक,लालू यादव, रवि कुमार,अनिल सिंह, सक्षम, कृष्ण कुमार, अशोक कुमार, सरस्वती देवी, मातृ शक्ति मार्कणिका कोल संत समाज संपूर्णा नन्द आदि मौजूद रहे।

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